ECI की बड़ी कार्रवाई: 345 निष्क्रिय राजनीतिक दल सूची से होंगे बाहर

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 345 पंजीकृत अप्रमाणित राजनीतिक दलों (RUPPs) को डीलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये वे दल हैं जो बीते छह वर्षों से किसी भी निर्वाचन में हिस्सा नहीं ले पाए हैं और जिनके कार्यालय अस्तित्व में नहीं पाए गए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में और निर्वाचन आयुक्तगण डॉ. सुखबीर सिंह संधू व डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया। आयोग के अनुसार, देशभर में 2800 से अधिक पंजीकृत अप्रमाणित राजनीतिक दल सक्रिय हैं, लेकिन कई दल निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं कर रहे हैं।

ECI ने एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण के जरिए 345 ऐसे दलों की पहचान की है जो न तो किसी लोकसभा, राज्य विधानसभा या उपचुनाव में शामिल हुए हैं और न ही जिनका कोई भौतिक कार्यालय उपलब्ध पाया गया है।

न्यायिक प्रक्रिया का पालन:
आयोग ने सभी संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया है कि वे इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी करें। साथ ही, सुनवाई का अवसर भी प्रदान किया जाएगा, ताकि किसी भी दल के साथ अन्याय न हो। अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा।

कानूनी पहलू:
ध्यान देने योग्य है कि भारत में राजनीतिक दलों का पंजीकरण लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के अंतर्गत होता है। एक बार पंजीकृत होने पर, राजनीतिक दल कर छूट सहित कई सुविधाओं के पात्र बनते हैं।

ECI का उद्देश्य:
यह कार्रवाई भारतीय लोकतंत्र की शुचिता बनाए रखने और निष्क्रिय तथा संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दलों को हटाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। आयोग का यह अभियान भविष्य में भी जारी

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