बिलासपुर शहर में अवैध हॉस्टलों की भरमार, नगर निगम बेखबर

बिलासपुर शहर में अवैध हॉस्टलों की भरमार, नगर निगम बेखबर


बिलासपुर शहर में अवैध हॉस्टलों की भरमार, नगर निगम बेखबर

बिलासपुर। शहर में अवैध रूप से संचालित हो रहे हॉस्टलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई हॉस्टल बिना किसी पंजीयन के चुपचाप चलाए जा रहे हैं, और नगर निगम को इसकी जानकारी तक नहीं है। लगभग हर वार्ड में हॉस्टल बना हुआ है, लेकिन पंजीयन केवल गिने-चुने हॉस्टलों का ही हुआ है।

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित ये हॉस्टल अब सामाजिक व्यवस्था पर भी असर डालने लगे हैं। खासकर, लड़कियों के हॉस्टलों में लड़कों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद, कई बार लड़के वहां खुलेआम घूमते देखे जाते हैं। वहीं, कुछ लड़कों के हॉस्टलों में लड़कियों का आना-जाना आम बात हो गई है। बताया जा रहा है कि हॉस्टलों में शराबखोरी और अराजकता का माहौल है, और संचालकों को इसकी जानकारी होते हुए भी वे कार्रवाई नहीं करते।

घटगांव नगर वार्ड नंबर 21 की डाला गली में संचालित एक हॉस्टल का उदाहरण सामने आया है, जहाँ रहने वाले लड़के अक्सर लड़कियों को लेकर आते हैं और देर रात तक शोर-शराबा करते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नशे की हालत में गाली-गलौज और अनुशासनहीनता आम हो गई है, जिससे परिवारों को भारी परेशानी हो रही है।

डायमंड गली के पीछे स्थित एक अन्य हॉस्टल के बारे में भी शिकायतें आई हैं, जहाँ रहने वाले युवक शराब पीकर अशांति फैलाते हैं। क्षेत्रवासी कई बार इसकी शिकायत हॉस्टल संचालक से कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि ऐसे अवैध हॉस्टलों को चिन्हित कर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, पंजीयन रहित हॉस्टलों को बंद कर नगर निगम को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाए।


यदि आप चाहें तो इस स्क्रिप्ट को स्थानीय भाषा में अधिक अनौपचारिक या विस्तृत अंदाज़ में भी ढाला जा सकता है। क्या आप ऐसा चाहेंगे?

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