धान खरीदी से पहले किसान अपनी फसल और खसरा की जानकारी जांच लें, गलती मिलने पर 10 नवंबर तक करें दावा-आपत्ति

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मुंगेली जिला प्रशासन की विशेष पहल, ग्राम सभाओं में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की प्रविष्टियों का हो रहा सार्वजनिक वाचन

मुंगेली, 04 नवंबर 2026। खरीफ वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले किसानों की फसल गिरदावरी से संबंधित जानकारी को दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने किसानों से डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण (DCS) के तहत दर्ज फसल एवं खसरा संबंधी विवरण का अनिवार्य रूप से मिलान करने की अपील की है। यदि दर्ज जानकारी में किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति मिलती है, तो किसान 10 नवंबर 2026 तक अपनी दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार जिले की ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इन ग्राम सभाओं में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण एवं पी.व्ही. एप के माध्यम से दर्ज फसल संबंधी प्रविष्टियों का किसानों और ग्रामीणों के समक्ष सार्वजनिक वाचन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य फसल गिरदावरी की जानकारी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही समय रहते त्रुटियों को सुधारना है।

इसी क्रम में मुंगेली एसडीएम मायानंद चंद्रा ने जनपद पंचायत के सभाकक्ष में तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों एवं पंचायत सचिवों की बैठक लेकर फसल गिरदावरी के सत्यापन और दावा-आपत्ति निराकरण की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डीसीएस के प्रथम एवं द्वितीय चरण में दर्ज फसल संबंधी जानकारी किसानों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सर्वेक्षण से संबंधित सूचियां ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक अवलोकन के लिए रखी जाएं, ताकि किसान अपने खेतों की दर्ज फसल और खसरा नंबर का मिलान कर सकें।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राम सभाओं के माध्यम से किसानों को सर्वेक्षण की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा प्राप्त दावा-आपत्तियों का 10 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए।

प्रशासन के अनुसार, यदि किसी किसान को अपनी दर्ज फसल, खसरा नंबर या सर्वेक्षण संबंधी विवरण में गलती दिखाई देती है, तो वह संबंधित तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पंचायत सचिव अथवा सहकारी समिति में अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। किसान भुईंया पोर्टल के माध्यम से भी अपने खेतों की फसल एवं खसरा संबंधी जानकारी का ऑनलाइन मिलान कर सकते हैं।

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल धान खरीदी शुरू होने का इंतजार न करें, बल्कि अपने गांव में आयोजित विशेष ग्राम सभा में शामिल होकर दर्ज प्रविष्टियों की जांच अवश्य कर लें। समय-सीमा के भीतर त्रुटियों की जानकारी देने से धान खरीदी से पहले आवश्यक परीक्षण एवं सुधार की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

अब किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपनी फसल और खसरा संबंधी जानकारी समय रहते जांच लें, ताकि धान खरीदी के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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