ACB समूह और SECL में कथित कोयला अनियमितताओं की CBI-SIT जांच की मांग, SECL मुख्यालय पर प्रदर्शन

img 20260924 wa0260

बिलासपुर। भारतीय जनाधिकार पार्टी (छत्तीसगढ़) ने ACB समूह की कोल वाशरियों, कोयला परिवहन, रेलवे साइडिंग और संबद्ध ताप विद्युत परियोजनाओं में वर्ष 1999 से कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर 23 सितंबर को SECL मुख्यालय बिलासपुर के सामने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पार्टी की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा गया।

पार्टी ने दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, चाकाबुड़ा, रतिजा, रेंकी और बिंझारी सहित संबंधित क्षेत्रों में कोयले के उत्पादन, प्रसंस्करण, परिवहन और उपयोग से जुड़े रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि इन मामलों में व्यापक स्तर पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं हुई हैं।

CBI और SIT जांच की मांग

प्रदर्शनकारियों ने वर्ष 1999 से वर्तमान तक के उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वित्तीय एवं डिजिटल फोरेंसिक ऑडिट कराने, भौतिक सत्यापन करने और मामले की CBI तथा उच्चस्तरीय SIT से जांच कराने की मांग की।

पार्टी ने स्वीकृत क्षमता और वास्तविक उत्पादन एवं प्रसंस्करण का वर्षवार मिलान कराने की भी मांग की। इसके साथ ही कच्चे और रिजेक्ट कोयले के परिवहन, वाशरी में प्रसंस्करण तथा उसके वास्तविक उपयोग का वैज्ञानिक तरीके से हिसाब किए जाने की मांग रखी गई।

पर्यावरण और PESA कानून के पालन की मांग

प्रदर्शन के दौरान दीपका क्षेत्र के आसपास पर्यावरणीय प्रभाव की स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच की मांग भी उठाई गई। पार्टी ने वायु, जल, भूजल, कृषि और जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का सर्वे कराने के साथ ग्रामसभा की सहमति और वनाधिकारों से जुड़े मामलों की भी जांच की मांग की।

इसके अलावा वर्ष 2015 से औद्योगिक डीजल एवं बायोडीजल की खरीद तथा ACB समूह को प्राप्त कथित कर छूट और सरकारी प्रोत्साहनों का वर्षवार परीक्षण करने की मांग की गई।

डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

पार्टी ने तौल कांटा, सर्वर, GPS, FASTag, ANPR, CCTV, RFID, CEMS और ERP/SAP सहित विभिन्न डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के निर्देश जारी करने की मांग की। श्रमिकों से जुड़े मामलों में न्यूनतम मजदूरी, EPF, ESIC और सुरक्षा मानकों की जांच तथा संबंधित नियामक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

वक्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप

पार्टी के प्रदेश संयोजक दीपक दुबे ने आरोप लगाया कि रिजेक्ट कोल और उच्च गुणवत्ता वाले कोयले से संबंधित बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कोल लेवी मामले का उल्लेख करते हुए SECL के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की।

युवा मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय रत्नाकर ने कोरबा क्षेत्र में PESA कानून और वन भूमि से जुड़े मामलों की जांच की मांग उठाई। वहीं पार्टी पदाधिकारी कमल किशोर साव ने वर्ष 2015 से कंपनियों को मिली कथित टैक्स छूट और बायोडीजल के उपयोग की जांच की आवश्यकता बताई।

धरना-प्रदर्शन को INTUC के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनीश सेठ और आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. सुनील राज किरण ने भी समर्थन दिया। उन्होंने भूविस्थापित किसानों के मुआवजे और रोजगार, विकास कार्यों तथा SECL के CSR मद की जांच की मांग रखी।

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

भारतीय जनाधिकार पार्टी ने मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को कोरबा कलेक्टर कार्यालय के सामने 24 घंटे की गांधीवादी न्याय भूख हड़ताल, 22 अक्टूबर को SECL मुख्यालय बिलासपुर के सामने अनिश्चितकालीन धरना और 1 नवंबर 2026 को केंद्रीय कोयला मंत्री के आवास, हैदराबाद में प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रदर्शन में पार्टी के शैलेंद्र कुमार, गोपाल विन्देश सिंह राठौर, कमल किशोर साव, दिनेश यादव, संजय रत्नाकर, हेमंत पैगवार, मो. असद खान, अशफाक खान, होरी दास महंत, मीडिया प्रभारी कृष्णा टंडन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *