सीपत-कुली-खमहरिया मार्ग पर धूल और हादसों का मुद्दा गरमाया, 7 दिन में कार्रवाई की मांग

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बिलासपुर। सीपत-कुली-खमहरिया मार्ग की जर्जर हालत, भारी वाहनों की आवाजाही और उड़ती धूल को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सड़क की समस्या और हादसों को लेकर युवा शक्ति संगठन के नेतृत्व में कुली, खमहरिया, कुकदा, मड़ई, ऊनी, लुतरा, बछौद और सीपत क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को जनदर्शन में ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर दिनभर उड़ने वाली धूल से आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राथमिक शाला कुली की कक्षाओं में धूल पहुंचने और खमहरिया हायर सेकंडरी स्कूल के आसपास भारी वाहनों के गुजरने के दौरान दृश्यता कम होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

15 से अधिक मौतों का दावा

ज्ञापन में ग्रामीणों ने दावा किया है कि जर्जर सड़क और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण केवल ग्राम कुली क्षेत्र में ही पिछले कुछ समय में 15 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को भी इसी मार्ग पर एक 35 वर्षीय महिला की सड़क हादसे में मौत हुई।

₹19.84 करोड़ का टेंडर, फिर भी निर्माण शुरू नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि PWD विभाग द्वारा सड़क निर्माण के लिए करीब ₹19.84 करोड़ का टेंडर स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। वहीं, मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।

ज्ञापन में ओवरलोड भारी वाहनों की आवाजाही का भी मुद्दा उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के संचालन से सड़क और लीलागर नदी के पुल पर भी गंभीर दबाव पड़ रहा है। उन्होंने नियमों के उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सड़क की स्थिति और हादसों की गंभीरता को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से PWD, RTO, खनिज विभाग, सीपत थाना और तहसील प्रशासन से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग भी की गई है।

ग्रामीणों ने रखीं ये प्रमुख मांगें

ग्रामीणों और युवा शक्ति संगठन ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें—

  • कुली से खमहरिया मार्ग पर रोजाना 4 से 5 बार टैंकर से पानी का छिड़काव शुरू करना।
  • स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य को तत्काल प्रारंभ करना।
  • स्कूली बच्चों के आवागमन के समय सुबह और शाम भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री लागू करना।
  • ओवरलोड और नियमविरुद्ध वाहनों पर कानूनी कार्रवाई करना।
  • शराब के नशे में तथा बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों की सघन जांच करना।
  • संबंधित विभागों के लापरवाह अधिकारियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करना।
  • 6 सितंबर की सड़क दुर्घटना में मृत महिला के परिजनों को उचित शासकीय आर्थिक सहायता प्रदान करना।

7 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन और PIL की चेतावनी

युवा शक्ति संगठन के प्रतिनिधि अर्जुन वस्त्रकर ने कहा कि क्षेत्र के लोग लगातार धूल और सड़क हादसों की समस्या झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि 7 दिनों के भीतर जल छिड़काव और सड़क निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो ग्रामीण लोकतांत्रिक एवं अहिंसक तरीके से व्यापक जन-आंदोलन करेंगे।

संगठन ने आगे मानवाधिकार आयोग (NHRC), बाल संरक्षण आयोग और बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आंदोलन की स्थिति बनने से पहले सड़क, धूल नियंत्रण और भारी वाहनों की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए।

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