शहरों की जमीनी हकीकत जानने सुबह निकलें अधिकारी, काम में तेजी और जवाबदेही तय करें : अरुण साव

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नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश, संपत्ति कर की ऑनलाइन व्यवस्था और जल संरक्षण पर जोर

बिलासपुर, 10 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने राज्य के सभी नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के विकास, स्वच्छता, राजस्व वसूली, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्था नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की योजना बनाने, नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और जनकल्याण सुनिश्चित करने वाली संस्था है। उन्होंने अधिकारियों को सक्रियता और जवाबदेही के साथ काम करने पर जोर दिया।

सुबह मैदानी दौरे पर निकलें अधिकारी

श्री साव ने निगम आयुक्तों और सीएमओ को प्रतिदिन सुबह शहर का भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी साफ-सफाई की व्यवस्था और निर्माणाधीन कार्यों का मौके पर निरीक्षण करें, ताकि काम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। इससे शहर की समस्याओं के साथ-साथ नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक की जानकारी भी अधिकारियों को मिलेगी।

उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्माणाधीन कार्यों की नियमित एवं कड़ाई से निगरानी करने को कहा।

संपत्ति कर की ऑनलाइन व्यवस्था बनाने के निर्देश

निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों का सर्वे कर नई संपत्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिक से अधिक नगरीय निकायों में संपत्ति कर के ऑनलाइन भुगतान की सुविधा विकसित करने पर जोर दिया गया।

उप मुख्यमंत्री ने राजस्व वसूली, निर्माण कार्य, स्वच्छता और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए प्रभावी कार्यपद्धति विकसित करने को कहा।

अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर तत्काल कार्रवाई

श्री साव ने अवैध कब्जों और अतिक्रमण की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के भी निर्देश दिए।

अगले 50 वर्षों की जल जरूरत को ध्यान में रखकर बने योजना

बैठक में जल संरक्षण को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को अगले 50 वर्षों की जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार करने और चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और उपयोग किए जा चुके पानी के पुनः उपयोग की व्यापक कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। साथ ही शहरों के सभी घरों में पेयजल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने को कहा।

शहरों में विकसित किए जाएं अर्बन फॉरेस्ट

नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि निकायों का दायित्व केवल निर्माण कार्य और योजनाएं पूरी करना नहीं है, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन भी सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और नागरिकों की बढ़ती अपेक्षाओं को देखते हुए नगरीय निकायों को भविष्य की जरूरतों का रोडमैप तैयार करना होगा। शहरवासियों को ऐसा महसूस होना चाहिए कि नगरीय निकाय उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रूप से मौजूद है।

श्री बोरा ने शहरों में उपलब्ध खाली स्थानों को चिन्हांकित कर वहां सघन वृक्षारोपण कराने और अर्बन फॉरेस्ट विकसित करने के निर्देश दिए। फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा।

नालंदा परिसरों को जल्द शुरू करने पर जोर

समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों को जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। फर्नीचर, आईटी सुविधाएं, किताबें और अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए राशि स्वीकृत कर जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया।

इन योजनाओं और कार्यों की हुई समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की घोषणाओं की अद्यतन स्थिति के साथ अधोसंरचना कार्य, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाएं, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।

इसके अलावा राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स एवं गोधाम योजना, मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, संचालक श्री नीलेशकुमार क्षीरसागर, सूडा के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता श्री रमेश शर्मा सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों के सीएमओ, राजस्व अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता और संभागीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक मौजूद रहे।

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