विज्ञान और नवाचार से संवरेंगे भविष्य के सपने, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न

विज्ञान और नवाचार से संवरेंगे भविष्य के सपने, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न

‘सतत विकास हेतु विज्ञान एवं नवाचार’ विषय पर शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण, विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और शोध की प्रवृत्ति विकसित करने पर जोर

मुंगेली, 13 अगस्त 2026। जिले के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और शोध की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी विद्यालय दाऊपारा में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली के उत्प्रेरण एवं सहयोग तथा जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए विज्ञान शिक्षकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण, पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिला समन्वयक श्री अशोक राजपूत ने अतिथियों, विषय विशेषज्ञों एवं शिक्षकों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी।

वर्ष 2026 के मुख्य कथानक ‘सतत विकास हेतु विज्ञान एवं नवाचार’ को केंद्र में रखते हुए शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए शोध आधारित परियोजनाएं तैयार करने और उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मार्गदर्शन देने का प्रशिक्षण दिया गया।

विज्ञान महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक श्री एस.के. भारती ने अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा संसाधन, जल संरक्षण एवं वाटर हार्वेस्टिंग जैसे विषयों पर उपयोगी एवं व्यावहारिक विज्ञान परियोजनाएं तैयार करने की जानकारी दी। वहीं सहायक प्राध्यापक डॉ. एन.के. पुरले ने खाद्य एवं कृषि, जन स्वास्थ्य तथा पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़े विषयों पर वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रक्रिया समझाई।

कार्यशाला में श्री एस.एस. राजपूत ने बाल विज्ञान कांग्रेस की परियोजनाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया एवं निर्धारित मानकों की जानकारी दी। व्याख्याता श्री अनिल कैवर्त ने विद्यार्थियों के ऑनलाइन पंजीयन की पूरी प्रक्रिया से शिक्षकों को अवगत कराया।

प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर शोध परियोजनाएं तैयार करने और उन्हें वैज्ञानिक पद्धति से आगे बढ़ाने में सक्षम होंगे। कार्यशाला से जिले के विद्यालयों में विज्ञान शिक्षा को अधिक प्रयोगात्मक और नवाचार आधारित बनाने को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने, उनके समाधान तलाशने और अपने विचारों को शोध परियोजनाओं के रूप में प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इस अवसर पर प्राचार्य श्री संजय दुबे सहित जिले के विज्ञान शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर शाला प्राचार्य श्रीमती लीला श्रीवास्तव ने विषय विशेषज्ञों, आयोजकों एवं सहभागी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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