पेपर लीक पर बड़ा प्रहार: लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026 राज्यसभा से पारित, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया स्वागत

रायपुर/नई दिल्ली। लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के राज्यसभा से पारित होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इसे देश के लाखों मेहनती विद्यार्थियों के सपनों की सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उनके अनुसार यह संशोधन विधेयक पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और संगठित परीक्षा माफिया पर कठोर प्रहार करेगा तथा पारदर्शी, विश्वसनीय और तकनीक-सक्षम परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मेहनत और योग्यता के साथ अन्याय करने वालों के लिए अब कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि मेहनत और प्रतिभा का सम्मान तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई ही नए भारत की पहचान बनेगी।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विधेयक के पारित होने पर कहा कि संसद के दोनों सदनों में इस पर विस्तृत चर्चा के बाद इसे पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वाले गिरोहों और देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए कानून में ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

इस विधेयक को देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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