छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगी मजबूत डिजिटल पहचान, 2,305 नए मोबाइल टावरों के लिए केंद्र से मंजूरी की मांग

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगी मजबूत डिजिटल पहचान, 2,305 नए मोबाइल टावरों के लिए केंद्र से मंजूरी की मांग

रायपुर, 2026। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ, जनजातीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर डिजिटल भारत निधि (DBN) योजना के तहत 2,305 नए मोबाइल टावरों को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी आज केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और सुशासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी साधन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इन टावरों की स्थापना से उन गांवों तक भी मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं पहुंचेंगी, जो अब तक नेटवर्क सुविधाओं से वंचित हैं।

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार और केंद्रीय संचार मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से बस्तर जैसे क्षेत्रों में विकास और प्रशासनिक सेवाओं को नई गति मिलेगी।

राज्य सरकार ने बताया कि स्वीकृत 577 स्थानों में से 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी एनओसी जारी की जा चुकी है, जबकि शेष 88 स्थानों की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है। जिन स्थानों पर अनुमति मिल चुकी है, वहां मोबाइल टावर लगाने का कार्य शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत इंटरनेट नेटवर्क से विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा, ग्रामीणों को टेलीमेडिसिन, किसानों को मौसम और बाजार की जानकारी तथा नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग और शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से मिलेगा। इससे ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि 2,305 नए मोबाइल टावरों को मंजूरी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति को नई गति मिलेगी और प्रदेश समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ेगा।

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