6आदेश, 1 कारण बताओ नोटिस… फिर भी नहीं हिले अधिकारी! रायगढ़ जिला पंचायत में अतिरिक्त सीईओ के तबादले पर उठे सवाल

6आदेश, 1 कारण बताओ नोटिस… फिर भी नहीं हिले अधिकारी! रायगढ़ जिला पंचायत में अतिरिक्त सीईओ के तबादले पर उठे सवाल

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (अतिरिक्त सीईओ) नीलाराम पटेल के लंबे समय से लंबित स्थानांतरण का मामला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार मार्च 2024 में उनका स्थानांतरण रायगढ़ से बीजापुर किया गया था, लेकिन करीब ढाई वर्ष बाद भी वे रायगढ़ में ही पदस्थ बताए जा रहे हैं।

मामले में यह भी सामने आया है कि स्थानांतरण आदेश के पालन के लिए शासन स्तर से समय-समय पर कई निर्देश और पत्र जारी किए गए। इनमें रिमाइंडर, कार्यमुक्त करने के निर्देश, एकतरफा जॉइनिंग संबंधी आदेश, कारण बताओ नोटिस तथा पुनः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश शामिल बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

आदेशों के बावजूद नहीं हुआ कार्यमुक्त

उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटनाक्रम इस प्रकार है—

  • 12 मार्च 2024 – स्थानांतरण आदेश जारी।
  • 29 अक्टूबर 2024 – तत्काल कार्यमुक्त करने का निर्देश।
  • 27 नवंबर 2024 – रिमाइंडर जारी।
  • 20 जनवरी 2025 – विकास आयुक्त कार्यालय द्वारा नवीन पदस्थापना स्थल पर जॉइनिंग के निर्देश।
  • 18 सितंबर 2025 – आदेशों की अवहेलना पर कारण बताओ नोटिस।
  • 26 नवंबर 2025 – पुनः आदेशों के पालन के निर्देश।

वेतन भुगतान को लेकर भी चर्चा

सूत्रों के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जनवरी 2026 में स्थानांतरण के बाद मूल पद पर जमे अधिकारियों का वेतन रोकने संबंधी निर्देश जारी किए गए थे। दावा किया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी का वेतन पूर्ववत जारी रहा। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

रायगढ़ में लंबा कार्यकाल

जानकारी के अनुसार नीलाराम पटेल वर्ष 2014 से अधिकांश समय रायगढ़ जिले में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं। वर्तमान में वे उप संचालक पंचायत एवं अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत रायगढ़ के रूप में कार्य कर रहे हैं। बताया जाता है कि उनका संबंध भी रायगढ़ जिले से है।

चुनावी जिम्मेदारियों को लेकर भी सवाल

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि उनके कार्यकाल के दौरान विधानसभा, लोकसभा और पंचायत चुनाव जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन कार्य संपन्न हुए। इसे लेकर भी स्थानांतरण नीति और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने क्या कहा?

वी.पी. तिर्की, अपर विकास आयुक्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कहा कि स्थानांतरण आदेश जारी किया गया था। किस कारण से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, इसकी जांच की जाएगी और विधानसभा सत्र के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

वहीं अभिजीत पठारे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ ने कहा कि यह मामला उनके कार्यभार ग्रहण करने से पहले का है। रिकॉर्ड देखने के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी।

मंत्री ओपी चौधरी को लेकर भी राजनीतिक चर्चा

मामले के सामने आने के बाद रायगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, मंत्री की ओर से इस विषय पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल निगाहें शासन की कार्रवाई पर

लगातार जारी आदेशों और नोटिसों के बावजूद स्थानांतरण आदेश के पालन नहीं होने के दावों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि राज्य शासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और यदि आदेशों की अवहेलना हुई है तो जिम्मेदारी किस पर तय होती है।

नोट: यह समाचार उपलब्ध दस्तावेजों, संबंधित अधिकारियों के बयानों और सामने आए दावों पर आधारित है। जिन आरोपों और चर्चाओं का उल्लेख किया गया है, उनकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सभी पक्षों का दृष्टिकोण शामिल करने का प्रयास किया गया है।

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