विश्व बाघ दिवस पर शिवतराई में जिला स्तरीय कार्यक्रम, डिप्टी सीएम अरुण साव बोले— बाघ और वृक्षों का संरक्षण पर्यावरण के लिए अनिवार्य

विश्व बाघ दिवस पर शिवतराई में जिला स्तरीय कार्यक्रम, डिप्टी सीएम अरुण साव बोले— बाघ और वृक्षों का संरक्षण पर्यावरण के लिए अनिवार्य

मुंगेली, 29 जुलाई 2026। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र के शिवतराई में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए बाघ और वृक्ष दोनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय, कलेक्टर कुन्दन कुमार, फील्ड डायरेक्टर प्रियंका पांडेय, वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वनकर्मी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों को प्रशस्ति-पत्र और सम्मान भी प्रदान किया गया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे बड़े बाघ आवास वाले देशों में शामिल है और देश के 58 टाइगर रिजर्व जैव विविधता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि “बाघ रहेंगे तो जंगल जीवंत रहेंगे, जंगल रहेंगे तो पर्यावरण संतुलित रहेगा और तभी जीवन सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण और वृक्ष संरक्षण का आह्वान किया।

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने बताया कि लगातार संरक्षण प्रयासों के कारण अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। उन्होंने कहा कि यह वन विभाग और संबंधित संस्थाओं के समर्पित प्रयासों का परिणाम है तथा इससे अचानकमार का पर्यावरणीय संतुलन और मजबूत हुआ है।

फील्ड डायरेक्टर प्रियंका पांडेय ने कहा कि जंगल केवल वन्यजीवों का आश्रय नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन को स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक संतुलन प्रदान करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। वहीं वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार ने बताया कि भारत में दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत बाघ पाए जाते हैं और संरक्षण प्रयासों के चलते देश में बाघों की संख्या 2008 के 1,411 से बढ़कर 3,600 से अधिक हो चुकी है।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय ने कहा कि वर्ष 2010 से विश्व स्तर पर बाघ संरक्षण के उद्देश्य से विश्व बाघ दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान बांधवगढ़ से अचानकमार पहुंची बाघिन ‘झुमरी’ की यात्रा एवं प्रजनन प्रक्रिया पर आधारित प्रेरक वीडियो का प्रदर्शन किया गया। समापन अवसर पर अतिथियों को बाघ का प्रतीकात्मक चित्र भेंट किया गया तथा अचानकमार टाइगर रिजर्व में उन्नयन कार्य के लिए औषधालय अचानकमार को सम्मानित किया गया।

Tags: World Tiger Day, Mungeli News, Achanakmar Tiger Reserve, Arun Sao, Tiger Conservation, Chhattisgarh News, Environment, Wildlife, Shivtarai, Bilaspur Division

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