बाल संप्रेषण गृह चौकीदार हत्या मामला: तीसरे दिन भी धरने पर डटे परिजन, 12 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग

बाल संप्रेषण गृह चौकीदार हत्या मामला: तीसरे दिन भी धरने पर डटे परिजन, 12 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग

बिलासपुर, 15 जुलाई। खबर छत्तीसगढ़ की टीम ने बुधवार को नूतन चौक स्थित धरना स्थल पहुंचकर मृतक चौकीदार नरेंद्र कुमार खंडे (42 वर्ष) के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली।

परिजनों का आरोप है कि सरकंडा स्थित बाल संप्रेषण (बाल सुधार) गृह में निरुद्ध नाबालिगों ने रात्रि चौकीदार नरेंद्र कुमार खंडे की बेरहमी से हत्या कर दी। उनका कहना है कि नरेंद्र कुमार खंडे के हाथ-पैर गमछे से बांधे गए, उनके साथ मारपीट की गई, मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया और गला दबाकर उनकी हत्या की गई। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

धरना दे रहे लोगों ने बताया कि उनका आंदोलन सोमवार से जारी है और बुधवार तक तीसरा दिन हो गया है, लेकिन अब तक कोई भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पर उनकी बात सुनने नहीं पहुंचा। उनका आरोप है कि प्रशासन मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

मृतक के परिजनों ने जिला प्रशासन को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी, भरण-पोषण की व्यवस्था, मामले की उच्चस्तरीय जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों का आरोप है कि घटना में विभाग के किसी अधिकारी या कर्मचारी की भी भूमिका हो सकती है। उनका कहना है कि आरोपियों के भागने के लिए बाहर से सीढ़ी की व्यवस्था कराई गई थी और इस पूरे मामले की गहन जांच की जानी चाहिए, ताकि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता हो तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सके।

धरने के दौरान मृतक के परिजन पूरी रात बाल संप्रेषण गृह परिसर के बाहर डटे रहे। उनके साथ महिलाएं और बच्चे भी खुले आसमान के नीचे जमीन पर बैठे रहे। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

नोट: इस समाचार में शामिल आरोप मृतक के परिजनों और धरना दे रहे लोगों के दावों पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और प्रशासन तथा पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

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