मत्स्य पालन बना ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम, किसानों की आय में हो रही वृद्धि

रायपुर, 13 जून 2026। छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रहा है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और राज्य सरकार की पहल से हजारों मत्स्यपालक आत्मनिर्भर बन रहे हैं तथा उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
✍️मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और अनुदान आधारित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी मत्स्य व्यवसाय अपनाने का अवसर मिला है।
♦️जशपुर में बना नया रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में पिछले 22 महीनों के दौरान 22 हजार 805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन दर्ज किया गया है, जो जिले के लिए एक नया कीर्तिमान माना जा रहा है। मत्स्य विभाग के अनुसार जिले में 18.50 करोड़ स्पॉन, 2.55 करोड़ स्टेज फ्राय तथा 2.94 करोड़ मत्स्य बीजों का संचयन किया गया है, जिससे गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीजों की उपलब्धता बढ़ी है।
♦️सात हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभ
जिले में 77.67 हेक्टेयर तालाबों और 295.27 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आवंटित किया गया है। नाव, जाल, फिंगरलिंग, मत्स्य बीमा और विपणन सहायता जैसी सुविधाओं से सात हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभ मिला है। इससे मत्स्य व्यवसाय के विस्तार और आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
♦️आधुनिक तकनीक से बढ़ी उत्पादकता
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तालाब निर्माण, पौंड लाइनर और बायोफ्लॉक इकाइयों की स्थापना के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से उत्पादन लागत कम हुई है और उत्पादकता में वृद्धि हुई है।
♦️प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट का लाभ
मत्स्यपालकों को देश के विभिन्न राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा जा रहा है, जहां वे वैज्ञानिक मत्स्य पालन, बीज प्रबंधन, संतुलित आहार, रोग नियंत्रण और विपणन की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे मत्स्य व्यवसाय अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनता जा रहा है।
♦️आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ग्रामीण रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य में मत्स्य क्षेत्र के निरंतर विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति मिल रही है।

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