इतिहास में पहली बार रेल मानचित्र पर उभरेगा जशपुर, धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल लाइन को मिली अधिसूचना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से दशकों पुराना सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ा, क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद
रायपुर, 13 जून 2026। जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही पहली बार जशपुर जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
✍️करीब 291.881 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी रेल परियोजना रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से शुरू होकर जशपुर के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर जशपुर सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार के अनुसार यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में हो रहे आधारभूत ढांचा विकास और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सतत प्रयासों का परिणाम है। लंबे समय से क्षेत्रवासी रेल संपर्क की मांग कर रहे थे, जो अब साकार होने की दिशा में निर्णायक चरण में पहुंच गई है।
रेल मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के मुताबिक रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय अवसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही परियोजना औपचारिक रूप से प्रभावी हो गई है।
♦️वनांचल क्षेत्र को मिलेगा विकास का नया रास्ता
अब तक रेल सुविधा से वंचित जशपुर जिले के लोग मुख्य रूप से सड़क परिवहन पर निर्भर थे। नई रेल लाइन बनने से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी। इससे सुरक्षित, सुलभ और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
♦️किसानों और व्यापार को मिलेगा लाभ
जशपुर जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन और बागवानी उत्पादों के लिए जाना जाता है। रेल संपर्क स्थापित होने से इन उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। परिवहन लागत घटने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी, वहीं स्थानीय उद्योग और व्यापार को भी विस्तार मिलेगा।
♦️पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध जशपुर में रेल पहुंचने से पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र में नए रोजगार अवसर पैदा होंगे। परियोजना के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है।
♦️शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच
नई रेल लाइन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंच आसान बनाएगी। वहीं गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक जल्दी पहुंचाने में भी मदद मिलेगी, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बेहतर होगी।
परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जशपुर सहित पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह रेल लाइन केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास, समृद्धि और नए अवसरों का द्वार खोलेगी। दशकों की प्रतीक्षा के बाद जशपुर का रेल मानचित्र पर स्थान सुनिश्चित होना जिले के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है।

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