ग्राम पंचायत बेलदगी में लाखों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप, CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज

15वें वित्त आयोग की राशि में अनियमितता, दो हैंडपंपों के नाम पर एक ही कार्य दिखाकर भुगतान का आरोप
लखनपुर, सरगुजा। जनपद पंचायत लखनपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलदगी में विकास कार्यों और 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार पंचायत में सोमर साय और देवला के नाम पर 15वें वित्त आयोग की राशि से दो हैंडपंप स्वीकृत किए गए थे। आरोप है कि दोनों कार्यों के लिए सरकारी राशि आहरित कर ली गई, जबकि मौके पर केवल एक ही स्थान पर हैंडपंप का खनन कराया गया। ग्रामीणों का दावा है कि सोमर साय के घर के पास हैंडपंप स्थापित किया गया, लेकिन देवला के नाम पर स्वीकृत हैंडपंप का कार्य नहीं कराया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि मई और जून 2026 के दौरान दोनों हैंडपंपों के नाम पर भुगतान कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कार्य पूर्ण दर्शाने के लिए दोनों मदों में एक ही स्थान की तस्वीरों का उपयोग किया गया, जिससे सरकारी अभिलेखों में कथित रूप से फर्जीवाड़ा किया गया।
मामले में एक अन्य आरोप पंचायत क्षेत्र में स्थित एक छोटे जलस्रोत (धोड़ी) से जुड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त निर्माण कार्य पूर्व सरपंच के कार्यकाल में ही पूरा हो चुका था, लेकिन उसे नया कार्य बताकर लगभग एक लाख रुपये की राशि का भुगतान कर दिया गया।
शिकायतकर्ताओं ने संबंधित तकनीकी अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इंजीनियर और एसडीओ ने बिना उचित भौतिक सत्यापन के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की, जिससे भुगतान प्रक्रिया पूरी हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्वतंत्र एजेंसी से स्थलीय जांच कराई जाए तो पंचायत में अन्य अनियमितताएं भी सामने आ सकती हैं।
गांव में इस मामले को लेकर नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण विकास और पेयजल व्यवस्था के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि का सही उपयोग नहीं होने से आम लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज होने के बाद अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों ने दोषी पाए जाने पर सरपंच, सचिव, तकनीकी अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की सत्यता और कथित वित्तीय अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और विकास योजनाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।

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