विशाल मजदूर एवं भू-विस्थापित महासभा 12 जून को कुसमुंडा में, समान काम-समान वेतन की उठेगी मांग

कोरबा। कोयलांचल क्षेत्र के ठेका श्रमिकों और भू-विस्थापितों के अधिकारों को लेकर 12 जून को कुसमुंडा स्थित महतरी अंगना में विशाल मजदूर एवं भू-विस्थापित महासभा का आयोजन किया जाएगा। महासभा में कोयला खदान क्षेत्र के 12 जोनों से हजारों ठेका श्रमिक और भू-विस्थापितों के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे करेंगे। महासभा का मुख्य मुद्दा “समान काम-समान वेतन” लागू कराना तथा भू-विस्थापितों को रोजगार, उचित मुआवजा और बेहतर पुनर्वास सुविधाएं दिलाना है।
महासभा की तैयारियों को लेकर श्रमिक नेता अशोक पटेल, संतोष चौहान, विनोद सारथी और गोविंदा सारथी लगातार गांवों और आउटसोर्सिंग कंपनियों में जनसंपर्क कर रहे हैं। वे श्रमिकों और भू-विस्थापितों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।
प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे ने कहा कि मजदूरों और भू-विस्थापितों के साथ लंबे समय से हो रहे शोषण के खिलाफ अब निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है। उन्होंने इसे हक और अधिकारों की लड़ाई बताते हुए सभी वर्गों से एकजुट होने का आह्वान किया।
आयोजन समिति के अनुसार महासभा में समान वेतन, ठेका श्रमिकों के शोषण पर रोक, स्थानीय भू-विस्थापितों को रोजगार और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। समिति ने क्षेत्र के श्रमिकों, विस्थापित परिवारों और प्रबुद्ध नागरिकों से 12 जून को दोपहर 3 बजे कुसमुंडा महतरी अंगना पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

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