खरीफ सीजन 2026 से पहले खाद-बीज संकट पर उठी आवाज, किसानों को समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र सहित जिले में खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों के बीच किसानों को खाद एवं बीज की पर्याप्त और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में किसानों को खाद-बीज वितरण में आ रही समस्याओं, सहकारी समितियों में कमी, कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि खरीफ सीजन प्रारंभ होने वाला है और धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बोवाई एवं रोपाई की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे समय में डीएपी, यूरिया, पोटाश, एनपीके सहित आवश्यक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता किसानों के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके बावजूद कई सहकारी समितियों में खाद की कमी की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ज्ञापन के अनुसार कई स्थानों पर किसानों को घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रहा है। साथ ही कुछ निजी विक्रेताओं और बिचौलियों द्वारा खाद की कालाबाजारी एवं जमाखोरी किए जाने तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इससे किसानों को अधिक कीमत पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका सीधा प्रभाव खरीफ फसलों के उत्पादन, किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
प्रमुख मांगें
• बेलतरा विधानसभा क्षेत्र सहित जिले की सभी सहकारी समितियों में किसानों की मांग के अनुरूप डीएपी, यूरिया, एनपीके एवं अन्य आवश्यक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण एवं उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
• जिन समितियों में खाद का स्टॉक समाप्त हो चुका है अथवा अत्यंत सीमित है, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त खाद उपलब्ध कराया जाए।
• खाद वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर प्रत्येक समिति में उपलब्ध स्टॉक एवं वितरण की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए।
• कालाबाजारी, जमाखोरी, कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने वालों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाकर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए।
• कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं जिला प्रशासन की संयुक्त निगरानी टीम गठित कर जिलेभर में नियमित निरीक्षण कराया जाए।
• किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए पर्याप्त स्टॉक, टोकन व्यवस्था एवं व्यवस्थित वितरण प्रणाली लागू की जाए।
• खुले बाजार में खाद, बीज एवं कृषि आदानों की उपलब्धता तथा उनके मूल्य की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
• किसानों की शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष एवं हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए।
• खाद संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष आपूर्ति अभियान चलाया जाए।
• खरीफ सीजन के दौरान खाद एवं बीज की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय कार्ययोजना बनाकर उसका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि अन्नदाता किसानों की मेहनत और कृषि उत्पादन पर ही प्रदेश एवं देश की खाद्य सुरक्षा निर्भर करती है। इसलिए किसानों की वर्तमान समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप करे तथा किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे।

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