मन की बात में गूंजी मल्हार की ऐतिहासिक विरासत, प्रधानमंत्री मोदी ने किया दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख

बिलासपुर, 31 मई 2026। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक नगर Malhar में प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। प्रधानमंत्री द्वारा इस महत्वपूर्ण खोज का जिक्र किए जाने पर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन के समय से संबंधित महत्वपूर्ण ऐतिहासिक साक्ष्य हैं। प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में अंकित इन अभिलेखों से तत्कालीन शासन व्यवस्था, सामाजिक जीवन, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
उन्होंने कहा कि मल्हार में मिली यह धरोहर केवल पुरातात्विक खोज नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक स्मृति को समृद्ध करने वाला एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इससे नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत को समझने और उससे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख किए जाने से समाज में विरासत संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि आज का ‘मन की बात’ कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि नया भारत अपनी संस्कृति, विरासत, खेल, प्रतिभा और नवाचार को समान महत्व देते हुए आगे बढ़ रहा है। मल्हार की ऐतिहासिक धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी दुनिया के सामने रख रही है और यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का स्रोत बनेगी।
इधर, बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में मल्हार की ऐतिहासिक खोज का उल्लेख किए जाने को जिले के लिए सम्मान और गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि ज्ञान भारतम् अभियान के तहत जिले में ऐतिहासिक पांडुलिपियों, अभिलेखों और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण तथा दस्तावेजीकरण का कार्य लगातार किया जा रहा है। मल्हार में प्राप्त ताम्र-पट्टिकाएं शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लिए महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री साबित होंगी।
कलेक्टर ने बताया कि जिला प्रशासन इस अमूल्य धरोहर के संरक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन के लिए संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेगा।

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