भविष्य के जल संकट को लेकर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने उद्योगों और पंचायतों को दिए बड़े निर्देश

जल संरक्षण और स्वच्छता पर बिलासपुर में मंथन, वर्षा जल संचयन व एसडब्ल्यूएम रूल्स 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बिलासपुर, 23 मई 2026। जिले में संभावित जल संकट को लेकर प्रशासन अब गंभीर तैयारी में जुट गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उद्योगों, पंचायतों और नगरीय निकायों से जल संरक्षण को जन अभियान बनाने का आह्वान करते हुए वर्षा जल संचयन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी पालन पर जोर दिया है।
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिले की औद्योगिक इकाइयों, पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के साथ जल संरक्षण की व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में जलशक्ति मंत्रालय से जुड़े विशेषज्ञ सुदीप्त मोहन शर्मा और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए अभी से जल संरक्षण के ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि प्री-मानसून अवधि में नदियों और जल स्रोतों का जलस्तर लगातार घट रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी है और नए बोर खनन पर रोक लगाने की नौबत आ रही है।
बैठक में रिचार्ज पिट, पोखरा गहरीकरण, चेक डैम, स्टॉप डैम, बोल्डर बंधान और तालाब निर्माण जैसे जल संरक्षण कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने बताया कि इन संरचनाओं से लगभग 40 मीटर तक भूजल रिचार्ज संभव है, जबकि इंजेक्शन बोरवेल के माध्यम से 200 मीटर तक जलस्तर को रिचार्ज किया जा सकता है।
उन्होंने उद्योगों से अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक वर्षा जल संचयन संरचनाएं विकसित करने तथा फ्रैक्चर जोन वाले इलाकों में विशेष जल संरक्षण कार्य कराने के निर्देश दिए। साथ ही औद्योगिक इकाइयों में भूजल स्तर की निगरानी के लिए पीजीओमीटर अनिवार्य रूप से लगाने को कहा, ताकि जल उपयोग और भूजल स्तर की वास्तविक स्थिति का आंकलन किया जा सके।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत लागू किए जा रहे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) रूल्स 2026 पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इसके तहत घर-घर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, खाद निर्माण, रीसाइक्लिंग और एमआरएफ सेंटर विकसित करने जैसे कार्य किए जाएंगे। प्लास्टिक और अन्य विशेष कचरे के पृथक प्रबंधन तथा स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला पंचायत, जनपद पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्योग विभाग और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *