30 लाख के गबन में तत्कालीन CEO श्रवण मरकाम गिरफ्तार

30 लाख के गबन में तत्कालीन CEO श्रवण मरकाम गिरफ्तार

कुटरचित दस्तावेजों के सहारे शासकीय राशि की हेराफेरी, चार आरोपी पहले ही जेल मे


बलरामपुर/वाड्रफनगर | विशेष संवाददाता
✍️जनपद पंचायत वाड्रफनगर में वर्ष 2013-14 के दौरान हुए लगभग 30 लाख रुपये के शासकीय गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रवण मरकाम को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को वाड्रफनगर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर पकड़ा और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
✍️क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2013-14 में श्रवण मरकाम जनपद पंचायत वाड्रफनगर में पदस्थ थे। इसी दौरान विभिन्न विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं के लिए स्वीकृत राशि में अनियमितता की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप है कि कुटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर, मस्टर रोल और भुगतान प्रक्रिया में हेरफेर कर लगभग 30 लाख रुपये की शासकीय राशि का गबन किया गया।
प्रारंभिक जांच में कई कार्य कागजों में पूर्ण दर्शाए गए, जबकि जमीनी स्तर पर वे अधूरे या अस्तित्वहीन पाए गए। ऑडिट रिपोर्ट और विभागीय जांच में अनियमितताएं उजागर होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया।
🔎♦️जांच में क्या खुलासा?
पुलिस द्वारा वित्तीय अभिलेखों, भुगतान रजिस्टर, निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेजों और बैंक लेन-देन की जांच की गई। जांच में कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचना के जरिए शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया।
इस प्रकरण में पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस को आशंका है कि यह गबन संगठित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें विभागीय कर्मचारियों सहित अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।                                ♦️फरारी के बाद गिरफ्तारी
सूत्रों के मुताबिक आरोपी श्रवण मरकाम लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे। हाल ही में उनकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
♦️किन धाराओं में मामला दर्ज?
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय धन के गबन, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि विवेचना जारी होने के कारण पुलिस ने विस्तृत धाराओं का खुलासा नहीं किया है।
♦️और खुलासों की संभावना
जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और संभावित लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।
♦️जनपद में मचा हड़कंप
गिरफ्तारी की खबर से जनपद पंचायत और स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप की स्थिति है। लंबे समय से लंबित इस मामले में कार्रवाई होने से आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सख्त जांच होती तो शासकीय राशि की क्षति रोकी जा सकती थी। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि क्या पूरे नेटवर्क का खुलासा हो पाएगा।

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