‘मिस्टर इंडिया’ बनी 65 बोरी धान से लदी पिकअप?

‘मिस्टर इंडिया’ बनी 65 बोरी धान से लदी पिकअप?

पुलिस–राजस्व विभाग के ‘जादू’ से सिस्टम हैरान, तहसीलदार पर FIR की तैयारी?
बलरामपुर/वाड्रफनगर/बसंतपुर | विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। पुलिस और राजस्व विभाग की मौजूदगी में जब्त की गई 65 बोरी अवैध धान से लदी एक पिकअप गाड़ी अचानक ‘मिस्टर इंडिया’ बनकर गायब हो गई। कागजों में कार्रवाई, ज़मीन पर सबूत नदारद — और पूरा सिस्टम असमंजस में।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 जनवरी 2026 की रात ग्राम बसंतपुर (नमोरी) में उत्तर प्रदेश से तस्करी कर लाई जा रही लगभग 65 बोरी अवैध धान से लदी एक बिना नंबर की पिकअप को नायब तहसीलदार द्वारा पकड़ा गया।
मौके पर बसंतपुर थाना पुलिस की गश्ती टीम भी मौजूद थी। कार्रवाई को “औपचारिक” बनाने के लिए वाहन और धान के साथ फोटो तक खिंचवाई गई, लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं।
बिना FIR के ‘आजाद’ हुआ अवैध माल
हैरानी की बात यह है कि करीब एक माह बीत जाने के बाद भी
न तो कोई FIR दर्ज हुई,
न ही जब्त धान को राजसात/नीलामी की प्रक्रिया में लाया गया।
सूत्रों के अनुसार, बिना नंबर की यह पिकअप और अवैध धान ‘ऊपरी दबाव’ या ‘साठगांठ’ के चलते चुपचाप छोड़ दी गई।
यह मामला मोटर व्हीकल एक्ट और आवश्यक वस्तु अधिनियम का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।
संपादक ने खोला मोर्चा, SDOP से FIR की मांग
इस पूरे ‘अदृश्य खेल’ के खिलाफ भारत सम्मान न्यूज़ के प्रधान संपादक जितेंद्र कुमार जायसवाल ने प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल उठाते हुए 2 फरवरी 2026 को SDOP वाड्रफनगर को लिखित शिकायत सौंपी।
शिकायत में उठाए गए मुख्य सवाल
• किसके आदेश पर अवैध धान और वाहन को बिना कानूनी कार्रवाई के छोड़ा गया?
• फरार पिकअप चालक के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं?
• लापरवाही और मिलीभगत बरतने वाले तहसीलदार व संबंधित पुलिसकर्मियों पर FIR क्यों नहीं?
इस शिकायत की प्रतिलिपि संभाग आयुक्त (सरगुजा), IG (सरगुजा रेंज), जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को भी भेजी गई है, ताकि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो सके।
जनता पूछ रही सवाल — आखिर गया कहाँ धान?
क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब
अधिकारी मौके पर मौजूद थे,
फोटो साक्ष्य उपलब्ध हैं,
तो फिर 65 बोरी धान और पिकअप गाड़ी आखिर किसकी शह पर गायब कर दी गई?
क्या यह अवैध धान किसी बड़े तस्करी सिंडिकेट का हिस्सा था?
और SDM वाड्रफनगर का ‘रोजी रेट मेन्यू’ आखिर क्या था?
अब देखना यह है कि
प्रशासन इस ‘गायब पिकअप’ को खोजकर दोषियों पर कार्रवाई करता है
या फिर यह मामला भी फाइलों में दबाकर सिस्टम की ‘सेटिंग’ का शिकार हो जाएगा।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *