खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता और कृषकों की दीर्घकालीन आय वृद्धि की दिशा में बड़ा कदम
मुंगेली | 10 जनवरी 2026 | विशेष लेख
खाद्य तेलों में देश को आत्मनिर्भर बनाने तथा किसानों की आय में दीर्घकालीन और स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयल पाम योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार के अनुदान के साथ-साथ राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
सहायक संचालक उद्यानिकी सुश्री भगवती साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑयल पाम की खेती में प्रारंभिक लागत अपेक्षाकृत अधिक होती है तथा उत्पादन शुरू होने में 3 से 4 वर्षों की गेस्टेशन अवधि लगती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा किसानों को विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा प्रति हेक्टेयर न्यूनतम 1.30 लाख रुपये के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा अतिरिक्त सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक किसान इस फसल को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।
ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम वाली और उच्च उत्पादकता देने वाली फसल है। इसमें रोग प्रकोप की संभावना बेहद कम होती है। रोपण के चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ होकर यह फसल 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज देती है। पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में ऑयल पाम प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन की क्षमता रखती है, जिससे किसानों को स्थायी और सुनिश्चित आय का लाभ मिलता है।
विभिन्न मदों में अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान
राज्य शासन द्वारा ऑयल पाम रोपण करने वाले पात्र किसानों को निम्नानुसार अतिरिक्त अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है—
रखरखाव मद: पूर्व निर्धारित ₹5,250 में वृद्धि कर कुल ₹6,750 प्रति हेक्टेयर
अंतरवर्तीय फसल: वृद्धि सहित कुल ₹10,250 प्रति हेक्टेयर
ड्रिप सिंचाई प्रणाली: ₹8,635 की अतिरिक्त सहायता सहित कुल ₹22,765 प्रति हेक्टेयर
फेंसिंग (पौधों को जानवरों से सुरक्षा हेतु): ₹54,485 प्रति हेक्टेयर
इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल एवं ड्रिप सिंचाई मद में कुल ₹69,620 प्रति हेक्टेयर तक का अतिरिक्त अनुदान ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को प्रदान किया जा रहा है।
यह अनुदान केवल उन्हीं कृषकों को देय होगा, जो योजना के अंतर्गत ऑयल पाम का रोपण करेंगे। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं तकनीकी मार्गदर्शन हेतु किसान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों अथवा अधिकृत प्रतिनिधि कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं।
ऑयल पाम की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।

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