तौल में चोरी पकड़े जाने पर मंडी अध्यक्ष व प्रबंधक की पत्रकारों से अभद्रता, कैमरा तोड़ने की कोशिश

तौल में चोरी पकड़े जाने पर मंडी अध्यक्ष व प्रबंधक की पत्रकारों से अभद्रता, कैमरा तोड़ने की कोशिश

विशेष रिपोर्ट | कड़ार धान मंडी
जहां एक ओर शासन किसानों को राहत देने के लिए धान खरीदी में स्पष्ट नियम तय कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कई धान मंडियों में इन्हीं नियमों को ताक पर रखकर किसानों से खुली लूट की जा रही है। ताजा मामला कड़ार धान मंडी से सामने आया है, जहां मंडी प्रबंधक विवेक शर्मा और मंडी अध्यक्ष संजय दुबे पर तौल में चोरी और पत्रकारों से अभद्रता के गंभीर आरोप लगे हैं।
40/700 के नियम की उड़ाई जा रही धज्जियां
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि धान तौल के दौरान 40 किलो पर 700 ग्राम से अधिक की कटौती नहीं की जाएगी। इसके बावजूद कड़ार धान मंडी में किसानों से 1 किलो तक अतिरिक्त वजन “सूक्ति” के नाम पर लिया जा रहा है, जो सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है।
चोरी ऑन कैमरा पकड़ी गई तो रिश्वत की कोशिश
मंडी में कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों ने जब तौल में हो रही अनियमितता को ऑन कैमरा रिकॉर्ड किया, तो मंडी प्रबंधक विवेक शर्मा और अध्यक्ष संजय दुबे बौखला गए। आरोप है कि पहले पत्रकारों को रिश्वत देकर मामला दबाने की कोशिश की गई, और जब पत्रकारों ने इनकार किया तो उनके साथ खुलेआम अभद्र व्यवहार किया गया।
सबूत मिटाने के लिए कैमरा छीनने की कोशिश
स्थिति यहीं नहीं रुकी। पत्रकारों के कैमरे से रिकॉर्ड हुए सबूतों को मिटाने के उद्देश्य से कैमरा छीना-झपटी की गई, जिससे कैमरे को क्षति भी पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान मंडी प्रबंधक ने स्वयं को बीजेपी नेता बताते हुए दबाव बनाने और गुंडागर्दी करने का प्रयास किया।
हड़ताल के बाद भी वसूली क्यों?
गौरतलब है कि कुछ समय पहले मंडी कर्मचारियों ने धान उठाव में देरी को लेकर हड़ताल की थी, यह कहते हुए कि देर होने से सूक्ति बढ़ेगी और नुकसान होगा। शासन द्वारा उनकी मांगें मानते हुए तेजी से धान उठाव की व्यवस्था कर दी गई, फिर भी अब सवाल उठता है कि
 जब उठाव समय पर हो रहा है, तो किसानों से 1 किलो अतिरिक्त सूक्ति किस आधार पर ली जा रही है?
मीडिया से दूरी, ताकि चोरी न खुले
स्थानीय लोगों का कहना है कि जो मीडिया कर्मी दिन-रात मंडी व्यवस्था को सुचारु दिखाने में सहयोग करते हैं, वही जब हकीकत दिखाने पहुंचते हैं तो उन्हें पहचानने से इनकार किया जाता है या अपमानित किया जाता है, ताकि मंडी की अनियमितताएं उजागर न हों।
प्रशासन से जांच की मांग
इस पूरे घटनाक्रम ने धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार संगठनों और किसानों ने मांग की है कि—
कड़ार धान मंडी में तौल व्यवस्था की निष्पक्ष जांच हो
पत्रकारों से अभद्रता और कैमरा तोड़फोड़ के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
किसानों से की गई अवैध वसूली वापस कराई जाए
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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