जिले की 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ आयोजित हुआ रोजगार दिवस

जिले की 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ आयोजित हुआ रोजगार दिवस

मनरेगा, आजीविका एवं जल संरक्षण योजनाओं से ग्रामीणों को किया गया जागरूक
मुंगेली | 07 जनवरी 2025 | जिला जनसंपर्क कार्यालय
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रतिमाह 07 तारीख को आयोजित होने वाले रोजगार दिवस के क्रम में आज मुंगेली जिले की सभी 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, अभियानों तथा मनरेगा के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया।
रोजगार दिवस के दौरान ग्रामीणों को “वीबी-जी राम जी योजना” के प्रावधानों से अवगत कराया गया। योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार, साप्ताहिक मजदूरी भुगतान तथा ग्रामीण विकास को गति देने वाले कार्यों की जानकारी दी गई। इस मिशन को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य से जोड़ते हुए जल संरक्षण, सिंचाई, भूजल पुनर्भरण, वाटरशेड विकास एवं वनीकरण जैसे कार्यों पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में आजीविका डबरी निर्माण से होने वाले लाभों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई, जिससे किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिल सके और उनकी आय एवं आजीविका में वृद्धि हो। इसके साथ ही मनरेगा अंतर्गत ग्राम पंचायतों में चस्पा किए गए क्यूआर कोड के बारे में जानकारी दी गई और ग्रामीणों को इन्हें स्कैन कर पंचायत में हुए निर्माण कार्यों की पारदर्शी जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
रोजगार दिवस के अवसर पर “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत जल के समुचित उपयोग, जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्धन के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इसके अलावा मनरेगा के अंतर्गत कार्य की मांग, जॉब कार्ड का अद्यतन तथा मौके पर ही प्राप्त शिकायतों का निराकरण भी किया गया।
रोजगार दिवस के आयोजन से जिले में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन एवं जल संरक्षण के प्रति ग्रामीणों में सकारात्मक जागरूकता देखने को मिली।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि रोजगार दिवस के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुँचाया जा रहा है। वीबी-जी राम जी योजना के तहत अधिक रोजगार के अवसर, समय पर मजदूरी भुगतान और जल संरक्षण जैसे कार्यों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह पहल विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आजीविका संवर्धन और सतत ग्रामीण विकास का सशक्त साधन है। आजीविका डबरी, मोर गांव मोर पानी अभियान एवं क्यूआर कोड जैसी पहलों से पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

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