केरल में छत्तीसगढ़ के मज़दूर की पीट-पीटकर हत्या, परिवार बोला– भीड़ ने बांग्लादेशी समझकर मारा

केरल में छत्तीसगढ़ के मज़दूर की पीट-पीटकर हत्या, परिवार बोला– भीड़ ने बांग्लादेशी समझकर मारा

राजनीतिक बयानबाज़ी तेज, मातम में डूबा छत्तीसगढ़ का गांव
पलक्कड़/रायपुर।
केरल के पलक्कड़ जिले में छत्तीसगढ़ से रोज़गार की तलाश में गए एक मज़दूर की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि उसे बांग्लादेशी समझकर निशाना बनाया गया, जिसके बाद उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद केरल से लेकर छत्तीसगढ़ तक राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। यह मामला अब केवल एक हत्या नहीं, बल्कि प्रवासी मज़दूरों की सुरक्षा और पहचान के संकट का प्रतीक बन गया है।
मुख्यमंत्री विजयन ने जताया दुख, कहा– सभ्य समाज की छवि को नुकसान
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि
“ऐसी घटनाएं केरल जैसे सभ्य और प्रगतिशील समाज की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।”
उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया है।
मंत्री ने आरएसएस पर लगाया आरोप
वहीं, केरल सरकार के एक मंत्री ने इस घटना को आरएसएस की नफ़रत की राजनीति से जोड़ते हुए बयान दिया कि ऐसी सोच के कारण समाज में बाहरी लोगों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है।
बीजेपी का पलटवार– राजनीतिक रंग न दें
इस आरोप पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि
अभियुक्तों में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग शामिल हैं
यह मामला राजनीतिक नहीं बल्कि स्थानीय बनाम बाहरी का है
घटना को जबरन सांप्रदायिक या वैचारिक रंग देना अनुचित है
छत्तीसगढ़ में पसरा मातम, मां बोली– मेरी सारी उम्मीदें चली गईं
इधर, छत्तीसगढ़ में मृतक के गांव में मातम का माहौल है। मृतक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।
उसकी मां का दर्द छलक पड़ा जब उन्होंने कहा—
“मेरा बेटा ही मेरी उम्मीद था… उसके साथ ही मेरी सारी उम्मीदें भी खत्म हो गईं।”
परिवार ने सरकार से न्याय, मुआवज़े और दोषियों को कड़ी सज़ा देने की मांग की है।
सवालों के घेरे में प्रवासी मज़दूरों की सुरक्षा
यह घटना एक बार फिर देश के भीतर काम करने वाले लाखों प्रवासी मज़दूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।
क्या सिर्फ पहचान के शक में किसी की जान ली जा सकती है?
क्या रोज़गार की तलाश में निकले मज़दूर सुरक्षित हैं?
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह घटना समाज और सिस्टम दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है।

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