कोरबा के भू-विस्थापितों की समस्याओं के समाधान की उठी मांग, UBKKS ने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन

कोरबा के भू-विस्थापितों की समस्याओं के समाधान की उठी मांग, UBKKS ने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन

कोरबा | छत्तीसगढ़
कोरबा जिले में औद्योगिक परियोजनाओं के चलते विस्थापित हुए हजारों ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों की वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर एक बार फिर आवाज उठी है। ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति (UBKKS) के प्रतिनिधिमंडल ने नवनियुक्त जिलाधीश श्री कुणाल दुदावत से मुलाकात कर उन्हें एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
समिति ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि SECL, NTPC, CSEB एवं BALCO जैसे बड़े औद्योगिक संस्थानों की स्थापना और विस्तार के कारण बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को अपनी पैतृक भूमि से विस्थापित होना पड़ा है। विस्थापन के बाद से ही ये परिवार रोजगार, पुनर्वास, मुआवजा एवं बुनियादी सुविधाओं जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।
समिति ने जिलाधीश से मांग की है कि विस्थापन से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु एक विशेष सेल का गठन किया जाए अथवा एक विशेष जनसुनवाई आयोजित की जाए। साथ ही प्रशासन से अपेक्षा जताई गई कि औद्योगिक प्रबंधन—SECL एवं विद्युत परियोजनाओं—के साथ समन्वय स्थापित कर विस्थापित परिवारों को उनका वैधानिक अधिकार दिलाया जाए।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों के अभाव में जिले के आदिवासी, पिछड़े वर्ग एवं विशेषकर युवा वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए जिलाधीश के नेतृत्व में कोरबा का विकास होगा और साथ ही मूल निवासियों को भी न्याय मिल सकेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधिमंडल में विजयपाल सिंह तंवर, रुद्र दास महंत, अनुसुईया राठौर, संतोष कुमार चौहान, श्रीकांत सोनकर एवं ललित महिलांगे उपस्थित रहे। सभी ने जिलाधीश महोदय के सफल कार्यकाल की मंगलकामना भी की।
प्रेषक:
ललित महिलांगे

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