खस्ताहाल सड़कों को लेकर ज़िला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण का बड़ा आंदोलन, महिलाओं की उपस्थिति भी रही

खस्ताहाल सड़कों को लेकर ज़िला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण का बड़ा आंदोलन, महिलाओं की उपस्थिति भी रही

बिलासपुर/मोपका (छत्तीसगढ़):
ज़िला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण ने आज रामकृष्ण कॉलोनी, मोपका की जर्जर सड़कों के विरोध में बड़ा आंदोलन किया। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएँ शामिल हुईं। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर रखी थी।

धरना-प्रदर्शन में आसपास के क्षेत्रों की जनता भी बड़ी संख्या में शामिल हुई, जो इस बात का प्रतीक है कि लोग सड़कों की खराब स्थिति से बेहद परेशान हैं और आज भाजपा सरकार को जीताकर स्वयं को ‘ठगा हुआ’ महसूस कर रहे हैं। धरना खत्म होने के बाद कांग्रेसजनों ने रामकृष्ण कॉलोनी की सड़कों पर बैठकर भी विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि सड़कों की खराब हालत के कारण घरों की छतें धूल से धूसरित हो रही हैं। आधा समय घर को साफ-सफाई में निकल जाता है। बच्चों और बुजुर्गों में सांस सम्बन्धी बीमारियाँ बढ़ रही हैं। वहीं, गड्ढों से भरी सड़कें आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं, कई लोग हाथ-पैर तुड़वाकर अस्पताल पहुँच चुके हैं।

ज़िला अध्यक्ष (ग्रामीण) विजय केशरवानी ने कहा कि यह शहर का दुर्भाग्य है कि नगर निगम को टैक्स देने वाले नागरिक धूलभरी जिंदगी जीने पर मजबूर हैं। दूसरी ओर स्मार्ट सिटी के नाम पर ऐसी जगह सड़कें बनाई जा रही हैं जहाँ दूर-दूर तक कोई मकान नहीं है और सड़कें निजी ज़मीनों में जाकर समाप्त हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के पैसों का जनहित में उपयोग न होकर स्वहित में किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आम जनता को चलने लायक सड़कें तक उपलब्ध कराने में असफल रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की घोषणाएँ केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।
विजय केशरवानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि—
“आज का आंदोलन कुम्भकर्णी सरकार को जगाने के लिए है। यदि सड़कों की मरम्मत में देरी हुई तो यह आंदोलन हर वार्ड, नगर, कस्बा और गाँव-गली तक फैलाया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि बिलासपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में स्थिति ऐसी है कि एक भी सड़क चलने लायक नहीं बची है। ठंड में उड़ती धूल के कारण स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों में सर्दी-बुखार और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे माता-पिता भी परेशान हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के नाम पर वसूली करने वाली भाजपा सरकार पिछले दो वर्षों में एक भी अच्छी सड़क नहीं बना पाई और न ही कांग्रेस शासनकाल में बनी सड़कों का मेंटेनेंस कर पाई है। स्थिति यह है कि—
“सड़कों में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क—लोग समझ ही नहीं पा रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि तोरवा से मोपका जाने वाली सड़क शहर की सबसे व्यस्ततम सड़कों में से एक है, फिर भी जनप्रतिनिधियों और सरकार की उदासीनता जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाती है।

आंदोलन में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी, राजेंद्र शाहू, जगदीश कौशिक, विनोद शाहू, अनिल यादव, साखन दरवे, पार्षद मोहन श्रीवास, सुनील सोनकर, हितेश देवांगन, नीरज सोनी, अंकित, सुरेंद्र तिवारी, भागीरथी यादव (पूर्व पार्षद), सेरसिंग कश्यप, संतोष साहू (पूर्व पार्षद), आशीष यादव, फागुराम बरगाह, योगेश यादव, भोला राम साहू, संजय साहू, शिव यादव, दुर्गेश साहू, अविनाश केवरा, रामायण साहू, भोला साहू।

आभार प्रदर्शन पार्षद मोहन श्रीवास एवं अविनाश केवरा द्वारा किया गया।

इसके अलावा उपस्थित रहे—
मनोज यादव, मुकुंद साहू, सचिन कश्यप, हरीश सूर्या, माखन दर्वे, भगत दर्वे, सुखसागर कुर्रे, मनोज बंजारे, सत्तार खान, ओमप्रकाश भुमात्र, उत्तम दर्वे, दीपेश राव, अनुरुद्ध तिवारी, तिरिथ राम लहरे, रुपनारायण बक्ष, घासी राम, कमलेश मानिकपुरी, जयनारायण प्रधान, इक़बाल हुसैन, रामखिलवन मंझी, रतन ठेकेदार, रीता देवी देवगान, प्रिया कुमारी, सुनीता पात्रे, राकेश बाजपेई, संजय भास्कर, नीरज सोनी, सुनील सोनकर, चंद्रप्रकाश, मनीष गधेवाल, अजय काले, भगीरथी यादव, संतोष साहू, संतलाल अहिवार, राजेंद्र सूर्यवंशी, ओम श्रीवास सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *