**देवरी में घोटाले का खुलासा!

धन उपार्जन केंद्र के प्रबंधक पर भारी भ्रष्टाचार के आरोप**

बिलासपुर/देवरी | 25 नवंबर 2025
लखासार देवरी गांव स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित देवरी (प.क. 670) में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।
खबर छत्तीसगढ़ न्यूज़ की जांच-पड़ताल में किसानों ने आरोप लगाया है कि समिति के प्रबंधन और अध्यक्ष — राममनोहर कौशिक एवं भूपेंद्र कौशिक की मिलीभगत से किसानों के धान का अधिक तौल लिया जा रहा है।

किसानों का कहना है कि सामान्यतः 41,40 या 41,200 किलो तौल लिया जाना चाहिए,
लेकिन देवरी प्रबंधन द्वारा किसानों के धान का तौल 43,660 से 44,660 किलो तक लिया जा रहा है,
जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रबंधक पर “तौल का पैसा” मांगने का आरोप

किसानों ने आरोप लगाया कि प्रबंधक किसानों से तौल का पैसा भी मांग रहा है।
किसान मनीष कौशिक ने प्रबंधक और अध्यक्ष दोनों पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है।

प्रबंधक के द्वारा हमलो का भी पैसा गबन – शासन के द्वारा हमलों का रेट लगभग 15 से 17 रूपये तय किया गया है पर प्रबंधक के द्वारा उन्हें 8 से ₹9 के हिसाब से दिया जाता है

मनीष कौशिक का कहना है—

> “अध्यक्ष और प्रबंधक दोनों किसानों से अतिरिक्त तौल वसूलने में शामिल हैं। नोडल अधिकारी को जानकारी देने के बाद भी न कोई कार्रवाई हुई और न ही उसने मौके पर आकर सही जांच की। वह केवल टालमटोल करता रहा और बिना जांच किए वापस चला गया। शासन किसानों के हित की बात करता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रबंधक शासन की धज्जियां उड़ा रहे हैं।”

व्यवस्था बजट में भी बड़े गड़बड़ी के आरोप

किसानों ने यह भी बताया कि समिति का व्यवस्था बजट भी संदेह के घेरे में है।

प्रबंधन से व्यवस्था बजट का जवाब मांगा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया।

हर साल प्रबंधकों के पास बिल नहीं रहते,

न टिन नंबर,

न ही खरीदी गई सामग्री का सही हिसाब।

किसान आरोप लगाते हैं कि—

> “प्रबंधक अपने हिसाब से कागजों पर नकली बिल तैयार करते हैं। व्यवस्था बजट में आए कांटेदार तार, तिरपाल, भूसा, समतलीकरण मैदान—इन सभी पर सिर्फ लीपापोती कर फर्जी बिल पेश किए जाते हैं।”

किसानों की शासन से मांग — भ्रष्टाचार की जांच हो, कार्रवाई हो

किसानों ने शासन से मांग की है कि देवरी धन उपार्जन केंद्र में हो रहे भ्रष्टाचार, गलत तौल और व्यवस्था बजट में हो रही गड़बड़ियों की तत्काल जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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