कलिंगा कंपनी (KCCL) निभाएगा सामाजिक दायित्व, कोरबा की कोरवा जनजातियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध

कलिंगा कंपनी (KCCL) निभाएगा सामाजिक दायित्व, कोरबा की कोरवा जनजातियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध

छत्तीसगढ़//कोरबा:-
कलिंगा कॉमर्शियल कारपोरेशन (KCC) ने अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत कोरबा जिले की विशेष रूप से कमज़ोर कोरवा जनजातियों—जिनके नाम से ही इस क्षेत्र का नाम कोरबा पड़ा—के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। कंपनी ने इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास करने का भरोसा दिलाया है।

कम्बल वितरण से हुई पहल की शुरुआत

इस सामाजिक पहल की शुरुआत आज बालको से 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम दूधीटाँगर में आयोजित कार्यक्रम से हुई। यहाँ कंपनी के महाप्रबंधक श्री विकास दुबे ने शीत ऋतु को ध्यान में रखते हुए कोरवा समुदाय के बीच कम्बलों का वितरण किया।
कंबल वितरण के दौरान कई छोटे बच्चे बिना शर्ट या गर्म कपड़ों के मौजूद थे। कंबल ओढ़ने के बाद उनके चेहरों पर दिखी खुशी देखने योग्य थी।

श्री दुबे अपनी टीम और छत्तीसगढ़ नव प्रगति मंच के सम्पूरन कुलदीप एवं समिति सदस्यों के साथ दिनभर जनजातीय परिवारों के बीच रहे और उनके साथ भोजन भी किया। इस कार्यक्रम में दुधीटांगर सहित आसपास के ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

KCC का विकास का भरोसा

कम्बल वितरण के बाद समुदाय से चर्चा करते हुए कंपनी के जीएम श्री विकास दुबे ने कहा कि KCC अपने व्यावसायिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों को भी समान प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा—

> “हमारा उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि उस क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित करना है जहाँ हम कार्य करते हैं। कोरबा की कोरवा जनजाति विशेष रूप से संवेदनशील समूह है और हम उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

कंपनी ने तीन प्रमुख क्षेत्रों में कार्य का आश्वासन दिया

01. पेयजल सुविधा

जब श्री दुबे ने कोरवा बस्तियों में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली, तो बताया गया कि विद्युत न होने के कारण ग्रामीण पहाड़ों से आने वाले प्राकृतिक जल को बिना पंप के पाइपों द्वारा गांव तक लाते हैं। कंपनी ने इस दिशा में शीघ्र सहयोग का आश्वासन दिया।

02. विद्युतीकरण

बिजली से वंचित क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने बताया कि पहले लगाए गए सोलर लाइटें खराब होने के बाद अब तक नहीं सुधारी गईं।
इस पर श्री दुबे ने सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर से बात कर समस्या से अवगत कराया। श्री कंवर ने अपने अधिकारी को ग्राम दूधीटांगर का नाम नोट कर निरीक्षण करने और सड़क उपलब्ध होने पर विद्युत लाइन पहुंचाने हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

03. मुख्यधारा से जोड़ना

शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के माध्यम से समुदाय को सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु स्वास्थ्य शिविर एवं रोजगार प्रशिक्षण आयोजित करने की योजना भी बताई गई।

सकारात्मक बदलाव का विश्वास

KCC प्रबंधन ने विश्वास जताया कि इन पहलों से कोरवा जनजाति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकेंगे।

कार्यक्रम में रवि सिंह, संतोष चौहान, तारेश राठौर, सुरेंद्र कंवर, रुद्र, मयंक राठौर, सोनू नामदेव और ललित महिलांगे उपस्थित रहे।

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