सक्रिय महिला संघ नें सरकार से मांगी न्यायोचित मांगों पर त्वरित कार्रवाई, ज्ञापन सौंपा

सक्रिय महिला संघ नें सरकार से मांगी न्यायोचित मांगों पर त्वरित कार्रवाई, ज्ञापन सौंपा

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। 11 नवम्बर 2025

एनआरएलएम बिहान सीआरपी/सक्रिय महिला संघ छत्तीसगढ़ द्वारा विगत माह अक्टूबर से लगातार छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के समक्ष अपनीं न्यायोचित मांगों को लेकर आज दिनांक तक उन मांगों पर त्वरित कार्रवाई के लिए निवेदन किया जा रहा लेकिन सरकार इनकी ओर ध्यान नहीं दे रही है, परिणामस्वरूप इन महिलाओं को धरना प्रदर्शन तथा आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है, जिससे इन महिलाओं के समक्ष अनेंक प्रकार की असहनीय समस्याएं व्याप्त हो रही है।

इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ राज्य के न्यायधानी बिलासपुर जिला क्षेत्र की महिलाओं नें धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनीं न्यायोचित मांगों पर त्वरित कार्रवाई के लिए निवेदन किया गया, इन्होनें अपनें ज्ञापन में लिखा है कि 15 अगस्त स्वाधीनता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी नें एनआरएलएम के द्वारा किए गए कार्यों और उपलब्धियों की प्रशंसा की है, हम वही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के एनआरएलएम बिहान योजना के अंतर्गत कार्य करने वाली सीआरपी या सक्रिय महिलाएं हैं, हम राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न विभागीय योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर कार्यान्वित करते हैं, इसके अलावा हमसे अन्य कई विभागों का कार्य करवाया जाता है।

हमारे विभागीय कार्य गांव में समूह गठन करना, समूह की मीटिंग लेना, पुस्तक संधारण करना, हर महीने दो नए समूह बनाना, समूह का खाता खुलवाना, ग्राम संगठन का खाता खुलवाना, समूह को लोन दिलवाना, समूह का ऑडिट करवाना, ग्राम संगठन का ऑडिट करवाना, बीमा की जानकारी देना, बीमा क्लेम करना, गांव में सर्वे करना, कितनी जनसंख्या है कितनें प्रतिशत महिला, कितनें प्रतिशत पुरुष, कितनें प्रतिशत शिक्षित अशिक्षित है, कितनी प्रतिशत महिलाएं गरीबी रेखा के नीचे हैं, उनकी आजीविका क्या है, किलनें प्रतिशत महिलाएं कृषि कार्य करती हैं, कृषि में कौन सी कृषि करती है, बीज, खाद, उर्वरक, बीमा यह सभी की जानकारी हमको देना होता है, इसी प्रकार कितनी प्रतिशत महिला पशुपालन करती है, मुर्गी, बकरी, गाय, भैंस, मछली पालन करती है, इनका बीमा करवाना, टीकाकरण करवाना, दवाइयां वितरण करवाना, मनरेगा में कितनी महिलाएं कार्य करती हैं आदि जानकारी हम लोगों को ऑनलाइन और ऑफलाइन देना होता है, इसके अलावा लोकोस, वीपीआरपी एवं लखपति दीदी का ऑफलाइन व ऑनलाइन कार्य करना होता है, हम सी आर पी/ सक्रिय महिलाओं से बहुत अधिक काम कराया जा रहा है, प्रतिदिन रोज बिना छुट्टी के हम लोगों को काम करना होता है, गैरविभागीय कार्य इसके अलावा हमसे कई गैरविभागीय कार्य जैसे स्वच्छता अभियान, जल जीवन योजना, वृक्षारोपण, आंगनबाड़ी में वजन त्यौहार, आयुष्मान कार्ड बनवाना, ओबीसी सर्वे करवाना, खेल महोत्सव करवाना, आवास सर्वे, मन के गोठ कार्यक्रम सुनना सुनेंवाना आदि करवाए जाते हैं जिसका कोई मेहनताना हमें नहीं मिलता है।

हमारी समस्याएं…

  1. हमारा मानदेय जो ₹1910/- मासिक है, इस लायक भी नहीं है कि हम अपनी छोटी सी जरूरत भी पूरी कर सके, जबकि इससे अधिक राशि विभाग के काम करनें में ही खर्च हो जाती है, पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में सक्रिय महिला को ₹6000/- दिया जाता है जिसमें केंद्र का ₹3000/- व राज्य का ₹3000/- होता है।
  2. हमारे व्यक्तिगत मोबाइल में ऑनलाइन काम कराया जा रहा है, हमें रजिस्टर वर्क के साथ साथ तमाम कार्य एंड्राइड मोबाइल से भी करना पड़ता है, कई महिलाओं के पास एंड्रॉयड मोबाइल भी नहीं है, मोबाइल का रिचार्ज भी ₹300/- से ₹350/- हो चुका है, ₹1910 मानदेय में हम ₹15000/- के मोबाइल में ₹350/- का नेट चार्ज खर्च कर कैसे काम करें।
  3. मोबाइल में काम करनें के लिए लगातार क्लस्टर में और जनपद में ट्रेनिंग मीटिंग ली जाती है, इसके अलावा भी हमें कई बार जनपद या क्लस्टर आना जाना पड़ता है जिसका हमें कोई यात्रा भत्ता नहीं दिया जाता।
  4. लोकोस, वीपीआरपी एवं लखपति दीदी का ऑफलाइन व ऑनलाइन कार्य की प्रोत्साहन राशि शासन के द्वारा निर्धारित होनें के बावजूद अधिकतर जिलों में सक्रिय महिलाओं को नहीं दी गई है एवं जहां भी दी गई है वहां पर भी पूरी नहीं दी गई हैं।
  5. कई वर्षों से कार्यरत सक्रिय महिलाओं को जबरदस्ती कार्य से हटाया जा रहा है जो पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है।
  6. यह भी देखनें में आया है कि कुछ ब्लॉक में या कुछ क्षेत्रों में यह ₹1910/- भी 05-06 महीनें में एक बार दिया जाता है और वह भी बैंक खाते में नहीं दिया जाता और बेमतलब पैसा काट कर दिया जाता है।
  7. हमें कर्मचारी का दर्जा मिलना चाहिए क्योंकि हम सरकार का काम करते हैं।

अतः हम सरकार से निवेदन करते हैं कि हमारी मांगे तत्काल पूरी करें।

हमारी मांगे…

  1. हमारा मानदेय ₹1910/- प्रतिमाह बहुत ही कम है, इसे जीनें लायक सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाया जाए।
  2. मानदेय “छत्तीसगढ़ शासन न्यूनतम वेतन अधिनियम’ के अनुसार दिया जाए।
  3. कई वर्षों से कार्यरत सक्रिय महिलाओं को जबरदस्ती कार्य से हटाया जा रहा है जो पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है, इसे बंद किया जाए।
  4. लोकोस, वीपीआरपी, लखपति दीदी का ऑनलाइन कार्य का पैसा जल्द से जल्द हमें दिया जाए।
  5. सभी कैडरों को मोबाइल दिया जाए नेट खर्च, दैनिक भता व यात्रा भत्ता दिया जाए।
  6. मानदेय प्रतिमाह दिया जाए, इसे सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए।
  7. हमें नियुक्ति पत्र दिया जाए।
  8. हमारा नियमितिकरण किया जाए।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *