सक्रिय महिला संघ ने सरकार से मांगी न्यायोचित मांगों पर कार्रवाई, ज्ञापन सौंपा

सक्रिय महिला संघ ने सरकार से मांगी न्यायोचित मांगों पर कार्रवाई, ज्ञापन सौंपा

बिलासपुर,11 नवंबर 2025।
एनआरएलएम बिहान – सीआरपी / सक्रिय महिला संघ, छत्तीसगढ़ की ओर से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें ग्रामीण महिला समूहों के लिए न्यायोचित पारिश्रमिक, कार्य सुरक्षा और सम्मानजनक व्यवहार की मांग की गई है।

संघ की अध्यक्ष पद्मा पाटले और संरक्षक सिद्दू बाई यादव ने बताया कि सक्रिय महिलाओं द्वारा गांव स्तर पर लगातार कार्य किया जा रहा है, परंतु उनके मानदेय और अन्य सुविधाओं में अब तक उचित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सक्रिय महिलाओं को मात्र ₹1910 मानदेय प्राप्त होता है, जो बेहद कम है, जबकि वे विभिन्न परियोजनाओं और प्रशिक्षण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सक्रिय महिलाओं को विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग के लिए भेजा जाता है, लेकिन इसके लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त मानदेय नहीं दिया जाता। वहीं कुछ जिलों में भुगतान प्रक्रिया में भी अनियमितता बरती जा रही है।

संघ ने अपनी आठ प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं —

1. सक्रिय महिलाओं का मानदेय ₹1910 से बढ़ाकर ₹3500 या उससे अधिक किया जाए।

2. प्रशिक्षण व मॉनिटरिंग कार्यों के दौरान अतिरिक्त भत्ता एवं यात्रा भत्ता दिया जाए।

3. सभी सक्रिय महिलाओं को नियमित रूप से ऑनलाइन भुगतान किया जाए।

4. जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यरत सक्रिय महिलाओं को अनिवार्य कार्यों से हटाने के आदेश पर पुनर्विचार हो।

5. लम्बे समय से लंबित भुगतान शीघ्र किया जाए।

6. कार्यों में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

सक्रिय महिला संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे राज्य स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगी।

संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि ग्रामीण आजीविका मिशन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली इन महिलाओं के श्रम और समर्पण का सम्मान किया जाए तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने हेतु त्वरित कदम उठाए जाएं।

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