कुसमुंडा//कोरबा: तीन दिवसीय आंदोलन की चेतावनी के बीच आज सुबह से प्रभावित भूविस्थापितों ने एसईसीएल कुसमुंडा के मुख्य गेट पर खाट-बर्तन रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने अपनी जमीन के अधिग्रहण के बदले रोजगार न दिए जाने के विरोध में प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और गेट के सामने धरना देकर व्यवस्थापक अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच नोक-झोंक भी देखी गई।


प्रदर्शनकर्ता विशेषकर गोमती केवट ने आरोप लगाया कि जब खदान के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित की गई थी तो उनके परिवार को वैकल्पिक रोजगार दिया जाना था, परंतु आज तक किसी को नौकरी नहीं मिली। गोमती ने बताया कि उनके ससुर के नाम पर एक अन्य व्यक्ति का नौकरी में नाम दर्ज दिखा है, जबकि उनका और उस व्यक्ति का पारिवारिक कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले बार उनकी शिकायत के बाद जांच हुई थी, अब प्रबंधन ने उसी मामले में आरोप पत्र जारी कर सख्त कार्रवाई की जानकारी दी है — जिसके बाद गोमती ने अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया, लेकिन अन्य भूविस्थापित 8, 9 और 10 सितंबर तक धरना जारी रखने की चेतावनी के साथ गेट पर ही डटे हुए हैं।
आरोप पत्र में क्या कहा गया है
जगन्नाथपुर उपक्षेत्र में फिटर के पद पर कार्यरत प्रहलाद (पिता रमेश) के खिलाफ प्रबंधन ने आरोप पत्र जारी किया है। आरोप पत्र में उल्लेख है कि ग्राम मनगाँव की खसरा सं. 398/2, 398/3, 418/2, 432, 434/3ख, 437, 438/2, 441/2, 441/3 कुल 4.98 एकड़ भूमि एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित की गई थी। श्रीमती गोमती केवट ने पत्र संख्या 554 दिनांक 02.07.2025 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति ने 2003-04 में नामांकन फॉर्म जमा किया था पर रोजगार नहीं मिला। जांच में सामने आया कि उक्त खसरे पर प्रहलाद आ. रमेश को 18.07.1997 को रोजगार दिया जा चुका है, जबकि प्रहलाद का उनके परिवार से कोई सम्बन्ध नहीं है और वे पारिवारिक रूप से भी परिचित नहीं हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर एसईसीएल अधिकारियों की मिलीभगत से गलत तरीके से रोजगार दिलवाया गया।
प्रबंधन के आरोप पत्र में बताया गया है कि यह कृत्य कम्पनी के प्रमाणित स्थायी आदेश की धारा 26:1 (नियोक्ता के व्यापार या सम्पत्ति के साथ चोरी, धोखाधड़ी या बेईमानी) और 26:9 (नियोक्ता को रोजगार के संबंध में गलत सूचना देना — नाम, उम्र, पिता का नाम, योग्यता इत्यादि) के अंतर्गत गम्भीर कदाचार माना जाएगा। प्रहलाद को निर्देश दिया गया है कि इस पत्र की प्राप्ति के 72 घण्टे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आरोप पत्र ओसीएम जगन्नाथपुर की ओर से 5 सितम्बर 2025 को जारी किया गया है और इसकी जानकारी मौके पर गोमती को कुसमुण्डा प्रबंधन ने दी।
मौके पर माहौल और आगे की कार्यवाही
प्रदर्शनकारी भूविस्थापितों ने कहा कि यदि उनकी मांगे तत्काल पूरी नहीं की गईं तो वह निर्धारित तीन दिवसीय आंदोलन को तेज कर देंगे। एसईसीएल के स्थानीय अधिकारियों ने विरोध-प्रदर्शन को नियंत्रित करने और जांचे जा रही शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया, परन्तु प्रभावित परिवारों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा — उन्हें ठोस कार्रवाई और पारिवारिक स्तर पर रोजगार का हल चाहिए।

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