छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मूल निवासी ईसाइयों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ रैली, ज्ञापन सौंपा गया

बिलासपुर, 9 जून 2025 — आज बिलासपुर जिला मुख्यालय में राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा एवं भारत मुक्ति मोर्चा के संयुक्त बैनर तले एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में जिले सहित प्रदेश भर से आए ईसाई समाज के पादरी, विश्वासी, तथा मूल निवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में मूल निवासी ईसाई समुदाय के लोगों पर धर्मांतरण के झूठे आरोपों के आधार पर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करना था। रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर राज्य शासन को एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में प्रमुख माँगें थीं:

धर्मांतरण के नाम पर मूल निवासी ईसाइयों पर हो रहे अत्याचार तत्काल बंद किए जाएँ।

झूठे धर्मांतरण के आरोप लगाकर समाज में भय का माहौल पैदा करने वालों पर कार्रवाई हो।

SC, ST और OBC वर्ग के लोगों को भारत का मूल निवासी मानते हुए उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाए।

‘धर्मांतरण विरोधी विधेयक’ की आड़ में मनुवादी व्यवस्था को थोपने का प्रयास रोका जाए।

आदिवासी समाज के जबरन हिंदूकरण पर रोक लगाई जाए।

रैली में “भारत देश हमारा है”, “मूल निवासी जागेगा”, “संविधान द्रोहियों होश में आओ”, “धर्म के नाम पर अत्याचार बंद करो” जैसे नारे भी गूंजे।

राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा एवं भारत मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि अगर राज्य शासन ने जल्द उनकी माँगें नहीं मानीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों – रायपुर, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा आदि में भी इस मुद्दे को लेकर रैलियां निकाली गईं और ज्ञापन सौंपे गए।

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