तोरवा छठ घाट पर छठ महापर्व की तैयारियां शुरू, पूजा कार्यालय का विधिवत शुभारंभ

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26 वर्षों से अरपा तट पर सज रहा आस्था का महापर्व, 13 नवंबर को नहाय-खाय से शुरू होंगे चार दिवसीय अनुष्ठान

बिलासपुर। संस्कारधानी बिलासपुर में लोक आस्था और सूर्योपासना के महापर्व छठ पूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। रविवार, 1 नवंबर को सुबह 11 बजे तोरवा स्थित अरपा छठ घाट पर मंगलाचरण और छठी मैया के जयघोष के बीच छठ पूजा समिति के कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया गया। समाज के वरिष्ठजनों एवं समिति के पदाधिकारियों ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यालय का उद्घाटन किया। इसके साथ ही छठ महापर्व 2026 के आयोजन की औपचारिक शुरुआत हो गई।

बिलासपुर में पिछले 26 वर्षों से पाटलिपुत्र संस्कृति विकास मंच, भोजपुरी समाज एवं सहजानंद समाज के सहयोग से सामूहिक रूप से छठ महापर्व मनाया जा रहा है। समय के साथ यह आयोजन किसी एक समाज तक सीमित न रहकर पूरे शहर की साझा सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। अरपा नदी के तट पर स्थित तोरवा छठ घाट पर हर वर्ष हजारों श्रद्धालु सूर्यदेव को अर्घ्य देने पहुंचते हैं। अपनी विशालता और स्थायी निर्माण के कारण इस घाट को एशिया के सबसे बड़े मानव निर्मित स्थायी छठ घाट के रूप में भी पहचान मिली है।

घाट की सफाई, सजावट और विद्युत व्यवस्था की तैयारियां शुरू

पूजा कार्यालय के शुभारंभ के साथ ही छठ घाट की साफ-सफाई, रंग-रोगन, पुल की पुताई, सजावट और विद्युत साज-सज्जा की तैयारियां प्रारंभ की जा रही हैं। समिति ने आयोजन का प्रारूप तैयार कर लिया है। पदाधिकारी घाट की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि व्रतियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

दिवाली के बाद तैयारियों में और तेजी आएगी। कार्यालय शुभारंभ के दौरान समिति के सदस्यों एवं पदाधिकारियों के बीच विभिन्न जिम्मेदारियों का कार्य विभाजन भी किया गया। समिति कार्यालय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहेगा। यहां स्थानीय और बाहर से आने वाले छठव्रतियों को पूजा एवं आयोजन से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

13 नवंबर को मां अरपा की महाआरती, 16 नवंबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य

इस वर्ष छठ महापर्व के चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान 13 नवंबर से प्रारंभ होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:

  • 13 नवंबर: नहाय-खाय के साथ पर्व का शुभारंभ एवं मां अरपा की महाआरती।
  • 14 नवंबर: खरना का अनुष्ठान।
  • 15 नवंबर: अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अर्घ्य।
  • 16 नवंबर: उदीयमान सूर्य को प्रातः अर्घ्य अर्पित करने के साथ महापर्व का समापन।

छठ महापर्व सूर्योपासना, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, शुद्धता, संयम और तपस्या का प्रतीक है। इस पर्व में डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर कृतज्ञता प्रकट की जाती है, वहीं अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की जाती है।

छठ अब किसी एक समाज का नहीं, पूरे बिलासपुर का उत्सव

बिलासपुर में छठ महापर्व की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। अब स्थानीय नागरिक भी इस परंपरा में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाते हैं। संध्या अर्घ्य के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ अरपा तट पर उमड़ती है। वहीं प्रातःकालीन अर्घ्य के दौरान भी घाट पर अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिलता है।

छठ पूजा के अवसर पर सजे सूप, फल, दीपों की रोशनी, पारंपरिक छठ गीतों की मधुर धुन और नदी के जल में खड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते व्रतियों की कतारें पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देती हैं। बिलासपुर से बाहर रहने वाले अनेक परिवार भी इस अवसर पर अपने घर लौटते हैं। मां अरपा की महाआरती और संध्या आरती में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता इस आयोजन को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनाती है।

समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य संभालेंगे आयोजन की जिम्मेदारी

छठ पूजा समिति के अध्यक्ष प्रवीण झा एवं सचिव विनोद सिंह के साथ पदाधिकारियों में डॉ. धर्मेंद्र कुमार दास, सुधीर झा, ए.के. कंठ, लव कुमार ओझा, राम प्रताप सिंह, रौशन सिंह, धनंजय झा, प्रशांत सिंह, हरिशंकर कुशवाहा, दिलीप चौधरी, राकेश दीक्षित एवं डॉ. कुमुद रंजन सिंह शामिल हैं।

कार्यकारिणी सदस्यों में पी.सी. झा, चंद्र किशोर प्रसाद, अजीत पंडित, प्रमोद सिंह, संजय शर्मा, रामसखा चौधरी, मुकेश झा, चंदन सिंह, राजीव गिरी, निर्भय चौधरी, दिलीप श्रीवास, विकास राय, सतीश सिंह, विनोद सिन्हा, हेमंत झा, जितेंद्र ठाकुर, सी.एम. सिंह, परमेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, रविंद्र सिंह, आशीष मिश्रा, अंबिकेश पांडे, रविंद्र कुशवाहा, शौलेंद्र सिंह, रुपेश कुशवाह, शशि मिश्रा, आदित्य सिंह, राजीव सिंह, मुन्ना सिंह, अमरकांत तिवारी एवं राम गोस्वामी शामिल हैं।

समिति के मार्गदर्शन के लिए गठित संरक्षक मंडल में एच.पी.एस. चौहान, एस.पी. सिंह, व्ही.एन. झा, डॉ. बृजेश सिंह, आर.पी. सिंह, अशोक झा, एस.के. सिंह, विजय ओझा, गणेश गिरी एवं अभय नारायण राय शामिल हैं।

कार्यालय शुभारंभ में बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित

कार्यालय शुभारंभ अवसर पर उपरोक्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों के अलावा एन.पी. शर्मा, संजय सिंह, बबलू कश्यप, बी.बी. तिवारी, सुरेंद्र प्रताप सिंह, नवल किशोर सिंह, धीरज झा, अनिल सिंह, भरत भूषण झा, दिलीप श्रीवास, निर्भय चौधरी, रामजन्म विश्वकर्मा, लव दीक्षित, शशि मिश्रा, सतीश सिंह, विशाल श्रीवास, विनोद पांडे, बृजराज सिंह, रामदेव यादव, कन्हैया चौधरी, चंदन सिंह, नागेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, रविंद्र कुशवाहा, हर्ष सिंह, सुरेश सिंह, नरेश मिश्रा एवं विकास राय सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

छठ पूजा कार्यालय के शुभारंभ के साथ ही बिलासपुर में एक बार फिर अरपा तट पर लोक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भव्य उत्सव सजने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

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