साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करने का आरोप, सरकंडा पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

img 20261017 wa0323

11 साइबर शिकायतों से जुड़ा IDFC FIRST BANK का संदिग्ध खाता जांच के दायरे में, एक आरोपी फरार; पुलिस कर रही तलाश

बिलासपुर। साइबर ठगी के मामलों में म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिलासपुर की सरकंडा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को बैंक खातों में जमा कराने, फिर UPI और ATM के माध्यम से निकालकर आपस में बांटने का आरोप है। मामले में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

11 साइबर शिकायतों से जुड़ा संदिग्ध बैंक खाता

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय रायपुर एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जिले में संचालित फर्जी और संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान भारत सरकार के पुलिस पोर्टल समन्वय (JMIS) के माध्यम से IDFC FIRST BANK के एक संदिग्ध खाते की जानकारी सामने आई।

जांच में बैंक खाता क्रमांक 10216095723 से संबंधित कुल 11 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, इन शिकायतों से जुड़ी धोखाधड़ी की रकम उक्त खाते में जमा होने और स्थानांतरित किए जाने के तथ्य सामने आए हैं।

जांच के दौरान यह खाता ‘साहू बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर’ के नाम पर पंजीकृत पाया गया, जिसके प्रोपराइटर संजय कुमार साहू हैं।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

पुलिस ने मामले में संजय कुमार साहू (35 वर्ष), पिता शिवकुमार साहू, निवासी सेमरताल, गांधी चौक, थाना कोनी, जिला बिलासपुर को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में बैंक खातों का इस्तेमाल किया। आरोप है कि विभिन्न प्रलोभनों और साइबर धोखाधड़ी के जरिए पीड़ितों से रकम हासिल कर उसे IDFC FIRST BANK और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के खातों में जमा कराया जाता था। इसके बाद UPI और ATM के माध्यम से रकम निकालकर आपस में बांट ली जाती थी।

थाना सरकंडा में अपराध दर्ज, बैंक खातों से जुड़े साक्ष्य जब्त

मामले में थाना सरकंडा पुलिस ने अपराध क्रमांक 1485/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 317(5), 318(4), 323, 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश की और घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की। प्रकरण से संबंधित IDFC FIRST BANK और SBI के खाते भी पुलिस ने जब्त किए हैं।

गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, मामले में शामिल दूसरे आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस ने उसकी जल्द गिरफ्तारी की बात कही है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई बिलासपुर के पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

पुलिस की यह कार्रवाई साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध बैंक खातों की पहचान और उनके जरिए होने वाले वित्तीय लेन-देन की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *