बिलासपुर में अखिल भारतीय विरोध दिवस पर छात्रों का प्रदर्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग

file 0000000021c482108a00ad0aef5e54b9

SIR प्रक्रिया के विरोध में उठी आवाज, मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा जोड़ने की मांग

बिलासपुर। शहर के राजीव गांधी चौक पर रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को अखिल भारतीय विरोध दिवस के अवसर पर छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से बर्खास्त करने की मांग करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए। साथ ही, मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किए जा रहे लगभग 13 करोड़ नागरिकों के नामों को पुनः शामिल करने की मांग भी उठाई गई।

प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों के नाम हटाए जाने से उनके मतदान के अधिकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़े जाएं, ताकि कोई भी योग्य नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे।

देश के विभिन्न हिस्सों में पुलिस कार्रवाई का विरोध

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दिल्ली, कर्नाटक, असम, बिहार सहित देश के अन्य हिस्सों में आंदोलनों के दौरान कथित पुलिस बर्बरता और दमन की घटनाओं के खिलाफ भी आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय नेताओं और आंदोलनकारियों के साथ कथित तौर पर की गई पुलिस कार्रवाई पर विरोध जताते हुए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार की रक्षा की मांग की।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग

राजीव गांधी चौक पर एकत्रित छात्रों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें पद से बर्खास्त करने तथा उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जानी चाहिए।

मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा उठा

प्रदर्शन के माध्यम से छात्रों ने मतदाता सूची की निष्पक्षता, नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची में नामों को लेकर उठ रही चिंताओं का उचित समाधान किया जाए तथा कथित पुलिस दमन की घटनाओं की निष्पक्ष जांच हो।

कुल मिलाकर, बिलासपुर के राजीव गांधी चौक पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नामों की बहाली और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग को प्रमुखता से उठाया।

नोट: प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों और लगभग 13 करोड़ नाम हटाए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *