SP वैभव वैंकर की गुप्त रेड से 34 मवेशी जब्त, 1 गिरफ्तार; कार्रवाई को लेकर रघुनाथनगर थाना प्रभारी पर उठे सवाल

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विशेष रिपोर्ट | बलरामपुर (छत्तीसगढ़)

बलरामपुर जिले में अवैध पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस अधीक्षक वैभव वैंकर की कार्रवाई के बाद अब सिर्फ तस्करी का मामला ही नहीं, बल्कि कार्रवाई के तरीके को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड और स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे दावों के बीच अंतर को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।

16 सितंबर 2026 की रात रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के ग्राम केसारी (बहेराखांड) के जंगल मार्ग से उत्तर प्रदेश की ओर ले जाए जा रहे 34 मवेशियों को पुलिस ने जब्त किया। मामले में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ, जबकि छह अन्य आरोपी फरार बताए गए हैं।

आधिकारिक रिकॉर्ड क्या कहता है?

FIR और पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 16 सितंबर की रात लगभग 11:35 बजे रघुनाथनगर थाने के सहायक उपनिरीक्षक फिलिरियुस टोप्पो अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जंगल में दबिश देकर 34 भैंस एवं भैंसों को बरामद किया।

पुलिस ने बताया कि पूरी जब्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य ऐप के जरिए की गई और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए गए।

स्थानीय स्तर पर क्या दावा किया जा रहा है?

मामले को लेकर क्षेत्र के कुछ स्थानीय लोगों और कई पत्रकारों का दावा है कि कार्रवाई सीधे SP वैभव वैंकर के निर्देश पर हुई थी। उनके अनुसार, SP ने बसंतपुर थाना प्रभारी और वाड्रफनगर चौकी प्रभारी की संयुक्त टीम को सिविल ड्रेस में भेजकर रेड कराई थी।

इसी दावे के आधार पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि कार्रवाई विशेष टीम ने की थी, तो FIR और प्रेस विज्ञप्ति में केवल रघुनाथनगर थाने की गश्ती टीम का उल्लेख क्यों किया गया।

इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

थाना प्रभारी पर भी उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि रघुनाथनगर थाना क्षेत्र में लंबे समय से पशु तस्करी सक्रिय थी और थाना प्रभारी डाकेश्वर सिंह की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी शिकायतें होती रही हैं।

हालांकि, इन आरोपों पर थाना प्रभारी या पुलिस विभाग की ओर से कोई सार्वजनिक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गृह मंत्री की चेतावनी की चर्चा

स्थानीय लोगों ने इस मामले को प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा के उस बयान से भी जोड़कर देखा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि थाना क्षेत्र में अवैध पशु तस्करी पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि इस मामले में विभागीय स्तर पर कोई अतिरिक्त जांच या कार्रवाई होती है या नहीं।

सात आरोपी नामजद

पुलिस ने कुल सात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

  • दीपक सोनवानी – गिरफ्तार
  • संजय सोनवानी – फरार
  • मानिकचंद सोनवानी – फरार
  • अशोक सोनवानी – फरार
  • जितेंद्र जायसवाल – फरार
  • गोरखनाथ जायसवाल – फरार
  • देव कुमार सोनवानी – फरार

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

रघुनाथनगर थाना में अपराध क्रमांक 0110/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • BNS धारा 111(2) (संगठित अपराध)
  • छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10
  • पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(d)

गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि छह अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आधिकारिक दस्तावेज़ों में दर्ज कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर किए जा रहे दावों के बीच मौजूद अंतर की विभागीय जांच होगी, या यह विवाद यहीं थम जाएगा?

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