किसानों से स्व-घोषणा फॉर्म पर हस्ताक्षर कराने का मामला, कांग्रेस ने जताई आपत्ति

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समिति प्रबंधन पर किसानों पर दबाव बनाने का आरोप, एग्री स्टेक अभियान चलाने की मांग

रायगढ़/धरमजयगढ़। कापू आदिम जाति सेवा सहकारी समिति क्षेत्र में किसानों से स्व-घोषणा फॉर्म भरवाकर हस्ताक्षर कराने का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि समिति प्रबंधन द्वारा किसानों के घर-घर जाकर स्व-घोषणा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं और सामूहिक खाताधारी किसानों से भी हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

किसानों के अनुसार, इस तरह के फॉर्म पर अनजाने में या पर्याप्त जानकारी के अभाव में हस्ताक्षर किए जाने से भविष्य में धान बिक्री के दौरान किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि उन्हें घोषणा फॉर्म पर हस्ताक्षर कराने के बजाय एग्री स्टेक (AgriStack) पंजीयन/प्रक्रिया पूरी कराने के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि कोई भी किसान धान बेचने से वंचित न रहे।

SDM के आदेश को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग

मामले में कापू आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के शाखा प्रबंधक श्याम नारायण दुबे द्वारा किसानों से स्व-घोषणा फॉर्म पर हस्ताक्षर कराने की बात सामने आई है। किसानों का कहना है कि उन्हें बताया गया कि यह प्रक्रिया SDM धरमजयगढ़ के निर्देश के तहत की जा रही है।

वहीं, जब इस संबंध में SDM से जानकारी ली गई तो किसानों के अनुसार इसे किसानों को सूचना देने की प्रक्रिया बताया गया, ताकि जिन किसानों ने अभी तक एग्री स्टेक नहीं कराया है, वे समय रहते इसे पूरा करा सकें और आगामी धान खरीदी के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

किसानों का सवाल—फॉर्म पर हस्ताक्षर क्यों?

किसानों का कहना है कि यदि उद्देश्य केवल किसानों को एग्री स्टेक कराने के लिए जागरूक करना और सूचना देना है, तो इसके लिए गांव-गांव अभियान चलाया जाना चाहिए। किसानों से किसी प्रकार के स्व-घोषणा फॉर्म पर हस्ताक्षर कराने की जरूरत क्यों पड़ रही है, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि कम पढ़े-लिखे अथवा प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं रखने वाले किसान यदि बिना समझे किसी घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कर देते हैं, तो भविष्य में उसकी जिम्मेदारी किसानों पर आ सकती है। ऐसे में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना जरूरी है।

किसान कांग्रेस ने भी जताई आपत्ति

इस मामले को लेकर क्षेत्र के किसान कांग्रेस ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। किसान कांग्रेस ने ऐसे किसी भी आदेश या प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए किसानों को बिना पूरी जानकारी समझे किसी भी घोषणा फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करने की सलाह दी है।

किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सहकारी समिति क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर एग्री स्टेक की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि आगामी धान खरीदी के समय तकनीकी अथवा दस्तावेजी प्रक्रिया के कारण एक भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न हो।

पिछले साल भी सामने आई थी किसानों की परेशानी

किसानों का दावा है कि पिछले वर्ष भी बड़ी संख्या में किसान विभिन्न कारणों से अपनी धान की उपज नहीं बेच पाए थे। ऐसे में इस वर्ष समय रहते एग्री स्टेक समेत अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराना जरूरी है।

किसानों ने जिले के संवेदनशील कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कराने और किसानों के हित में उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही संबंधित सहकारी समितियों में अभियान चलाकर एग्री स्टेक कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और किसानों को धान बिक्री के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए क्या व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।

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