लालपुर-भेजीनारा में ग्रामीणों का बेमियादी धरना, SECL और TMC पर वादाखिलाफी का आरोप

लालपुर-भेजीनारा में ग्रामीणों का बेमियादी धरना, SECL और TMC पर वादाखिलाफी का आरोप
IMG 20260825 WA0027 1024x576

कटघोरा/कोरबा। SECL कोरबा प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी TMC प्राइवेट लिमिटेड पर वादाखिलाफी और स्थानीय ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए ग्राम लालपुर और भेजीनारा के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने भारी बारिश के बीच विवादित स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में 8 सूत्रीय मांगों को लेकर हुई लिखित सहमति के बावजूद अब प्रबंधन उससे पीछे हट रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन को कथित रूप से गलत जानकारी दिए जाने के बाद SDM कटघोरा की ओर से नोटिस जारी किया गया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। आंदोलन में ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चे भी शामिल हुए और अपने भविष्य एवं अधिकारों की मांग को लेकर आवाज उठाई।

1987 में अधिग्रहित हुई थी ग्रामीणों की जमीन

ग्रामीणों का आरोप है कि लालपुर और भेजीनारा क्षेत्र में 70 प्रतिशत से अधिक आबादी आदिवासी है। वर्ष 1987 में सिंघाली खदान के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। उस दौरान रोजगार एवं अन्य प्रक्रिया के नाम पर किसानों से भू-राजस्व पर्चियां ले ली गईं, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि ये मूल पर्चियां आज तक वापस नहीं की गई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि भू-राजस्व पर्चियां उपलब्ध नहीं होने के कारण कई आदिवासी परिवारों के बच्चों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। इसके चलते उन्हें उच्च शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

IMG 20260825 WA0035 1024x461

ग्रामीणों की 8 सूत्रीय मांगें

  1. रोजगार एवं मुआवजा: सिंघाली खदान में 275 ग्रामीणों को दिए गए रोजगार और मुआवजे की पूरी लिखित जानकारी SECL कोरबा प्रबंधन द्वारा जारी की जाए।
  2. मुख्य मार्ग की बहाली: लालपुर और भेजीनारा को जोड़ने वाले पुराने मुख्य मार्ग को बाधित करने के बजाय व्यवस्थित किया जाए।
  3. तालाब पाटने की जांच: निस्तारी के लिए उपयोग किए जाने वाले सार्वजनिक तालाब को किसकी अनुशंसा पर पाटा गया, इसकी आधिकारिक जानकारी दी जाए।
  4. पेयजल व्यवस्था: लालपुर और भेजीनारा में स्थायी एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  5. वैकल्पिक रोजगार: स्थानीय भू-विस्थापितों को TMC प्राइवेट लिमिटेड में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए।
  6. अवैध कब्जे पर कार्रवाई: खसरा नंबर 217/16क, 217/16ख और 217/16ग की निजी जमीन पर कथित रूप से बनाए गए रास्ते के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाए।
  7. मुक्तिधाम ध्वस्तीकरण: पूर्वजों के पवित्र मुक्तिधाम को कथित रूप से ध्वस्त करने के मामले में कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
  8. भू-राजस्व पर्चियों की वापसी: वर्ष 1987 से रोकी गई किसानों की मूल पर्चियां वापस की जाएं और अधिग्रहित भूमि का रिकॉर्ड दुरुस्त किया जाए, ताकि बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बन सकें।

विधायक और प्रशासन से मौके पर पहुंचने की मांग

समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों के अनुसार विवादित स्थल पर शासन या प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। ग्रामीणों ने कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने तथा उनकी मांगों का न्यायसंगत समाधान निकालने की अपील की है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक 8 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।

Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *