उसलापुर के वार्ड-3 में बदहाली का अंबार, टूटी पाइपलाइन और जाम नालियों से रहवासी परेशान

उसलापुर के वार्ड-3 में बदहाली का अंबार, टूटी पाइपलाइन और जाम नालियों से रहवासी परेशान

गड्ढों से छलनी सड़क, भरा सेप्टिक टैंक और सीलन से खराब हो रहे मकान; सफाई के नाम पर पैसे मांगने के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

बिलासपुर/उसलापुर। बिलासपुर के उसलापुर स्थित वार्ड क्रमांक 03 के आवासीय क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर रहवासियों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले एक से दो वर्षों से लैट्रिन पाइप, सीवरेज पाइप और छत से निकलने वाले गंदे पानी की पाइपलाइन कई जगहों पर टूटी हुई है। रहवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर नगर निगम में कई बार आवेदन देने के साथ ही संबंधित जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

जाम नालियों और भरे सेप्टिक टैंक से बढ़ी परेशानी

स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र की नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण उनमें गंदगी और मलबा जमा है। वहीं, एक बड़ी सेप्टिक टंकी के लंबे समय से साफ नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है। रहवासियों का दावा है कि करीब सात वर्षों से इसकी समुचित सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण गंदा पानी और सीपेज की समस्या बढ़ती जा रही है।

सीवेज की समस्या से मकानों में सीलन

टूटी पाइपलाइन और सीवेज की समस्या का असर आसपास के मकानों पर भी पड़ रहा है। रहवासियों के अनुसार कई घरों की दीवारों में सीलन आ गई है और प्लास्टर उखड़ने लगा है। लोगों का कहना है कि लगातार बनी इस स्थिति से जहां मकानों को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं परिवारों को असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, हादसे का खतरा

आवासीय क्षेत्र के सामने की सड़क की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। रहवासियों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जोन स्तर के अधिकारियों को भी कई बार इसकी जानकारी दी गई, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

स्ट्रीट लाइट की समस्या भी रही

रहवासियों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय तक स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। हालांकि कुछ समय पहले यहां स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। वहीं, बच्चों के लिए खेल मैदान या गार्डन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं होने की बात स्थानीय लोगों ने कही है।

सफाई के नाम पर पैसे मांगने का आरोप

क्षेत्रवासियों ने सफाई के नाम पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप भी लगाया है। स्थानीय लोगों ने सुपरवाइजर विकास कुर्रे पर गरीब रहवासियों से सफाई कराने के लिए राशि मांगने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

रहवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि सफाई कार्य के लिए नागरिकों से किसी प्रकार की राशि लेना अधिकृत है या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

पार्षद की भूमिका पर भी उठे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार वार्ड की पार्षद किरण टंडन को क्षेत्र की समस्याओं से कई बार अवगत कराया गया है। हालांकि, रहवासियों का आरोप है कि समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। कुछ लोगों ने फोन पर संपर्क नहीं हो पाने की बात भी कही है।

वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की मांग

वार्ड-3 के रहवासियों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल क्षेत्र का निरीक्षण कराने और मूलभूत समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है। लोगों की प्रमुख मांगों में नालियों की सफाई, सेप्टिक टैंक की सफाई, टूटे पाइपों की मरम्मत, सीवेज समस्या का स्थायी समाधान और सड़क के गड्ढों को भरना शामिल है।

रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इन शिकायतों पर कब तक कार्रवाई करता है और वार्ड-3 के लोगों को वर्षों से चली आ रही बदहाली से कब राहत मिलती है।

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