खबर का असर: बसंतपुर थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत मामले में जागा प्रशासन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करेंगे जांच

खबर का असर: बसंतपुर थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत मामले में जागा प्रशासन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करेंगे जांच

10 अगस्त को बयान दर्ज कराने पत्रकार रामहरि गुप्ता को नोटिस जारी, पहले ASI को जांच सौंपे जाने पर उठे थे सवाल

बलरामपुर-रामानुजगंज (छत्तीसगढ़)। बसंतपुर थाना प्रभारी जितेन्द्र सोनी के खिलाफ स्थानीय पत्रकार रामहरि गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ एवं सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से की गई शिकायत के मामले में अब प्रशासन हरकत में आया है। समाचार प्रकाशन और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस मैनुअल के नियमों का हवाला देते हुए जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के बाद अब मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) विश्व दीपक त्रिपाठी द्वारा पत्रकार रामहरि गुप्ता को नोटिस जारी कर 10 अगस्त 2026 को कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष एवं संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

पत्रकार रामहरि गुप्ता ने आरोप लगाया है कि बसंतपुर थाना प्रभारी जितेन्द्र सोनी उनके प्रति व्यक्तिगत दुर्भावना रखते हैं। पत्रकार के अनुसार, वह थाना प्रभारी के कथित कृत्यों और अनियमितताओं को समाचार माध्यमों के जरिए लगातार उजागर करते रहे हैं, जिससे नाराज होकर उनके खिलाफ दबाव बनाने की नीयत से कार्रवाई की जा रही थी।

इसी संबंध में पत्रकार गुप्ता ने मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ एवं सीएम हेल्पलाइन पोर्टल 1076 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के टोकन नंबर CC260700120436 एवं WP260700126099 बताए गए हैं।

पहले ASI को सौंपी गई थी जांच, फोन पर धमकी देने का आरोप

शिकायत के बाद प्रारंभिक तौर पर मामले की जांच बसंतपुर थाने में ही पदस्थ सहायक उप-निरीक्षक (ASI) मनीष साहू को सौंपे जाने की बात सामने आई थी।

पत्रकार रामहरि गुप्ता का आरोप है कि ASI मनीष साहू द्वारा उन्हें लगातार फोन कर धमकी भरे लहजे में थाने में उपस्थित होने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इसके अलावा थाना स्तर से जारी नोटिस क्रमांक 1622/2026, दिनांक 02.08.2026 के माध्यम से उन्हें 03 अगस्त 2026 को थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।

पुलिस मैनुअल के नियमों को लेकर उठे सवाल

जांच प्रक्रिया पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रोफेसर अकील अहमद अंसारी ने सवाल उठाए थे। उन्होंने पुलिस नियमावली का हवाला देते हुए कहा था कि थाना प्रभारी अथवा संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत की जांच अधीनस्थ कर्मचारी से कराना निष्पक्षता के लिहाज से उचित नहीं है।

उनका कहना था कि शिकायत की जांच कम से कम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अथवा उससे उच्च स्तर के अधिकारी से कराई जानी चाहिए, ताकि जांच की निष्पक्षता बनी रहे।

खबर का असर: अब एडिशनल एसपी करेंगे जांच

मामले को लेकर प्रकाशित खबरों के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। अब शिकायत की जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी को सौंपी गई है।

कार्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी नोटिस क्रमांक /अति.पु.अधी./बल./रीडर/शिका./45/2026, दिनांक 08.08.2026 के तहत पत्रकार रामहरि गुप्ता को 10 अगस्त 2026 को कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

नोटिस के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों एवं उसके आधारों की जांच के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

पत्रकार संगठनों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

मामले को लेकर विभिन्न पत्रकार संगठनों में भी नाराजगी सामने आई है। पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए। साथ ही जांच प्रभावित न हो, इसके लिए बसंतपुर थाना प्रभारी जितेन्द्र सोनी को तत्काल प्रभाव से हटाने अथवा निलंबित करने की मांग की गई है।

पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई और थाना प्रभारी को नहीं हटाया गया, तो क्षेत्र के पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। संगठनों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे एकजुट होकर सरगुजा संभाग मुख्यालय की ओर कूच करेंगे।

अब पूरे मामले में 10 अगस्त को पत्रकार रामहरि गुप्ता के बयान और साक्ष्य दर्ज किए जाने के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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