Bilaspur Apollo Hospital पर कांग्रेस के गंभीर सवाल

बिलासपुर अपोलो अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। एम्बुलेंस सेवा, रेफरल प्रक्रिया और मरीज सुरक्षा को लेकर जवाब मांगा गया।

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बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल प्रबंधन से मुलाकात कर मरीज राजकुमार अग्रवाल के उपचार, रेफरल प्रक्रिया और आपातकालीन व्यवस्था में कथित खामियों पर आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान अस्पताल के CEO की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई गई। CEO की अनुपस्थिति में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (MS) और वरिष्ठ चिकित्सकों से चर्चा हुई।

एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर लगाए आरोप

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि अस्पताल की दोनों एम्बुलेंस पिछले करीब तीन महीने से बंद हैं और उनके स्थान पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, गंभीर मरीज को हायर सेंटर भेजने के लिए परिजनों को निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था करनी पड़ी।

यह भी दावा किया गया कि अस्पताल की ओर से मरीज के साथ एयर एम्बुलेंस तक कोई डॉक्टर, नर्स या मेडिकल स्टाफ नहीं भेजा गया।

परिजनों पर लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च होने का दावा

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, चकरभाठा एयरपोर्ट पहुंचने पर एयर एम्बुलेंस की मेडिकल टीम ने मरीज की स्थिति को गंभीर बताते हुए तत्काल एयरलिफ्ट संभव नहीं माना। इसके बाद मरीज को वापस अस्पताल लाना पड़ा। कांग्रेस का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में एयर एम्बुलेंस रुकने और अतिरिक्त मेडिकल टीम बुलाने के कारण परिजनों पर करीब ₹9.5 लाख का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। फिलहाल मरीज की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

कांग्रेस ने उठाए कई सवाल

प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल प्रबंधन से पूछा कि—

  • दोनों एम्बुलेंस लंबे समय से बंद होने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
  • गंभीर मरीज के साथ अस्पताल का मेडिकल स्टाफ क्यों नहीं भेजा गया?
  • मरीज को सुरक्षित एयर एम्बुलेंस तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी थी?
  • परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ क्यों पड़ा?
  • भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
  • आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को उपचार में आ रही शिकायतों का समाधान कैसे किया जाएगा?

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन सवालों के जवाब के लिए 17 जुलाई को दोबारा अस्पताल प्रबंधन, विशेष रूप से CEO से मुलाकात की जाएगी।

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