सरगवां में 7–8 घंटे बिजली कटौती, ग्रामीण नाराज़

सरगवां में 7–8 घंटे बिजली कटौती, ग्रामीण नाराज़

सरगवां सब स्टेशन क्षेत्र में रोज़ाना 7–8 घंटे बिजली कटौती, ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

अम्बिकापुर | 9 जुलाई 2026

अम्बिकापुर जिले के सरगवां सब स्टेशन से विद्युत आपूर्ति प्राप्त करने वाले कई ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि प्रतिदिन 7 से 8 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

भीषण गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से लोगों को पेयजल, घरेलू कार्य, बच्चों की पढ़ाई और छोटे कारोबार संचालित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने भी सिंचाई कार्य प्रभावित होने की बात कही है।

‘शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान’

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली कटौती की शिकायतें कई बार विभाग तक पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उनका कहना है कि मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद रखी जाती है, इसके बावजूद आपूर्ति व्यवस्था में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि यदि मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है, तो विभाग सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करे कि इसके बावजूद रोज़ाना घंटों बिजली आपूर्ति बाधित क्यों हो रही है।

सीएम कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी शिकायत

ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के वरिष्ठ अधिकारियों, मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजकर तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की गई है।

एक सप्ताह में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो क्षेत्रवासी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  • सरगवां सब स्टेशन क्षेत्र में नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
  • अनावश्यक बिजली कटौती तत्काल बंद की जाए।
  • शिकायतों का स्थायी समाधान किया जाए।
  • लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

नोट: इस मामले में बिजली विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।

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