दुर्गा पंडाल निर्माण में ₹5 लाख के भ्रष्टाचार का आरोप!

दुर्गा पंडाल निर्माण में ₹5 लाख के भ्रष्टाचार का आरोप!

दुर्गा पंडाल निर्माण में ₹5 लाख के भ्रष्टाचार का आरोप!

₹3 लाख और ₹2 लाख की दो योजनाओं की राशि एक ही निर्माण कार्य में खर्च करने का आरोप
◾ घटिया निर्माण, कागजों में हेराफेरी और शासकीय राशि के दुरुपयोग पर उठे गंभीर सवाल
◾ 7 दिन में जांच नहीं हुई तो उग्र आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी
◾ CEO बोले— शिकायत मिली है, तकनीकी जांच कराकर ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ किया जाएगा

सूरजपुर/भैयाथान। विकासखंड भैयाथान के ग्राम पंचायत बांसापारा में शासकीय राशि के कथित दुरुपयोग और विकास कार्यों में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। संगम चौक स्थित दुर्गा पंडाल परिसर में शेड और फर्श निर्माण को लेकर ₹5 लाख की वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर शिव सेना जिला इकाई सूरजपुर ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए उच्चस्तरीय तकनीकी जांच, वास्तविक मूल्यांकन और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

एक ही जगह, दो योजनाएं… ₹5 लाख खर्च, लेकिन सवालों के घेरे में निर्माण

शिकायत के अनुसार, एक ही स्थान पर लगभग एक ही समय में दो अलग-अलग शासकीय योजनाओं से कुल ₹5 लाख की राशि स्वीकृत की गई—

  • सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण से ‘नवयुवक दुर्गा पंडाल फर्श निर्माण’ के लिए ₹3,00,000
  • मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना से ‘रंगमंच निर्माण’ के लिए ₹2,00,000

आरोप है कि दोनों योजनाओं की राशि को मिलाकर केवल एक ही शेड और फर्श का निर्माण कर दिया गया, जबकि दस्तावेजों में दोनों कार्य अलग-अलग दर्शाए गए हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि दोनों कार्यों की पूर्णता तिथि में महज 24 घंटे का अंतर दिखाकर पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया, जिससे वित्तीय हेराफेरी की आशंका और गहरा गई है।

‘5 लाख का काम धरातल पर नजर नहीं आता’— शिव सेना

शिव सेना के जिला अध्यक्ष हेमंत कुमार महंत ने आरोप लगाया कि संगम चौक स्थित दुर्गा पंडाल क्षेत्र ग्रामीणों की धार्मिक और सामाजिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन विकास कार्यों के नाम पर यहां भ्रष्टाचार कर जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है।

उन्होंने कहा कि धरातल पर जो निर्माण दिखाई दे रहा है, वह किसी भी स्थिति में ₹5 लाख की लागत का प्रतीत नहीं होता। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराकर वास्तविक लागत का मूल्यांकन कराने और जिम्मेदार अधिकारियों एवं क्रियान्वयन एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की।

7 दिन का अल्टीमेटम, फिर आंदोलन और चक्काजाम

शिव सेना ने प्रशासन को 7 दिनों का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई, तो संगठन स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर भैयाथान ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय में उग्र आंदोलन और चक्काजाम करेगा।

CEO का पक्ष: शिकायत की होगी निष्पक्ष जांच

मामले पर जनपद पंचायत भैयाथान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने कहा कि निर्माण कार्य अभी प्रगतिरत है। शिव सेना एवं ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं की तकनीकी टीम से भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता, गुणवत्ता में कमी या किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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