सरगुजा में ज़मीन घोटाले पर प्रशासन की चुप्पी: कलेक्टर के आदेश के 10 दिन बाद भी नहीं हुई FIR, पीड़ित महिला न्याय को तरसी

सरगुजा में ज़मीन घोटाले पर प्रशासन की चुप्पी: कलेक्टर के आदेश के 10 दिन बाद भी नहीं हुई FIR, पीड़ित महिला न्याय को तरसी

खबर 36गढ़ (Khabar36garh)

अंबिकापुर: सरगुजा जिले के ग्राम भिट्ठीकला में हुए करोड़ों के ज़मीन घोटाले में प्रशासनिक संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। कलेक्टर सरगुजा द्वारा FIR दर्ज कराने के स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के 10 दिन बाद भी अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में आरोपियों के रसूख और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर अब सवाल उठने लगे हैं।

पूरा मामला: क्या है धोखाधड़ी की सच्चाई?

मामला ग्राम भिट्ठीकला निवासी 72 वर्षीय विधवा महिला सावित्री यादव से जुड़ा है।

  • पीड़िता के अनुसार, उसका सौदा पुष्पा अग्रवाल के साथ मात्र 24 डिसमिल ज़मीन के लिए हुआ था।
  • आरोप है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी करते हुए सावित्री यादव की कुल 3 एकड़ 17 डिसमिल (1.271 हेक्टेयर) भूमि की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली।
  • मामले में मुख्य आरोपी पुष्पा अग्रवाल के साथ सागर विश्वकर्मा, डोमन राजवाड़े, जीतन विश्वकर्मा, आशीष उर्फ बाबा और दस्तावेज़ लेखक कमर कादरी को नामजद किया गया है।

कलेक्टर का आदेश बना फाइलों का हिस्सा?

पीड़िता की शिकायत और जांच के बाद, कलेक्टर सरगुजा श्री अजीत बसंत ने 16 जून 2026 को तहसीलदार अंबिकापुर को लिखित पत्र जारी किया था। कलेक्टर ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, तहसीलदार कार्यालय द्वारा अब तक थाने में कोई FIR दर्ज नहीं कराई गई है। मामले में गंभीर बात यह है कि 23 जून 2026 को पीड़िता ने जनदर्शन में पहुंचकर दोबारा शिकायत की, फिर भी नतीजा शून्य रहा।

तहसीलदार की भूमिका पर उठे सवाल

पीड़ित पक्ष ने तहसीलदार अंबिकापुर विकास जिंदल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि तहसीलदार ने न केवल मामले में कार्रवाई करने से परहेज किया, बल्कि पीड़ित पक्ष पर भारी रकम लेकर समझौता करने का दबाव बनाया और उन्हें डराया-धमकाया गया।

राजनीतिक रसूख का साया और ‘अकिल अहमद’ की चेतावनी

एक्टिविस्ट अकिल अहमद ने इस पूरे मामले को राजनीतिक संरक्षण से प्रेरित बताया है।

  • अकिल अहमद का आरोप है कि मुख्य आरोपी के संबंध कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम से हैं।
  • मामले में संलिप्त आरोपी डोमन रजवाड़े और सागर विश्वकर्मा भाजपा के पदाधिकारी बताए जा रहे हैं।
  • एक्टिविस्ट ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और मामले को लेकर जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।
    खबर 36गढ़ की टिप्पणी:
    एक वृद्ध महिला की आजीविका का साधन छीनना न केवल अपराध है, बल्कि यह जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। क्या सरगुजा प्रशासन रसूखदार आरोपियों के सामने नतमस्तक है?
    खबर 36गढ़ इस मामले में अपडेट्स जारी रखेगा। क्या प्रशासन अब भी नींद से जागेगा?
    जुड़े रहिए ‘खबर 36गढ़’ के साथ – सत्य के साथ, हर पल आपके साथ।

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