बिलासपुर में जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी के खिलाफ ज्ञापन, CBI जांच की मांग

बिलासपुर में जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी के खिलाफ ज्ञापन, CBI जांच की मांग

पत्रकारों को प्रताड़ित करने और वित्तीय अनियमितताओं के लगाए आरोप, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

बिलासपुर, 10 जून 2026। जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी के विरुद्ध कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं, लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापना तथा पत्रकारों के खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज कराने के आरोपों को लेकर बुधवार को बिलासपुर में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई है।

युवा अध्यक्ष शान श्रीवास्तव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि संजीव तिवारी लगभग दो दशकों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इस दौरान विभागीय कार्यों और वित्तीय मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाना आवश्यक है।

पत्रकारों के उत्पीड़न का आरोप

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभिन्न अवसरों पर पत्रकारों को प्रताड़ित करने तथा उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष पत्रकारिता के वातावरण को प्रभावित करने वाली इन घटनाओं की भी गहन जांच होनी चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा शासन एवं प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में पत्रकारों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

CBI, SIT और आयकर विभाग से जांच की मांग

ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), विशेष जांच दल (SIT) तथा आयकर विभाग जैसी स्वतंत्र एजेंसियों से कराई जाए, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके और किसी भी प्रकार के संदेह की स्थिति समाप्त हो।

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उच्च संवैधानिक पदाधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि

ज्ञापन की प्रतिलिपि माननीय मुख्य न्यायाधीश, माननीय मुख्यमंत्री, माननीय प्रधानमंत्री तथा सीबीआई निदेशक को भी प्रेषित की गई है। ज्ञापन के माध्यम से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई गई है।

पारदर्शी जांच की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शासन एवं प्रशासन को पूरे मामले की पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जा सके तथा आमजन और पत्रकार समुदाय का विश्वास बना रहे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं समर्थक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।


महत्वपूर्ण तथ्य

🔹 जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा गया।
🔹 लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापना को लेकर सवाल उठाए गए।
🔹 वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए।
🔹 पत्रकारों को प्रताड़ित करने और झूठी एफआईआर दर्ज कराने के आरोप।
🔹 CBI, SIT और आयकर विभाग से जांच की मांग।
🔹 ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और CBI निदेशक को भेजी गई।
🔹 आरोप सही पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई की मांग।
🔹 संगठन ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच पर जोर दिया।

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