मनरेगा से जल संरक्षण को मिली नई रफ्तार, जिले में बनेंगे 18 “नवा तरिया”

मनरेगा से जल संरक्षण को मिली नई रफ्तार, जिले में बनेंगे 18 “नवा तरिया”

“मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत जल संकट से निपटने की तैयारी तेज
मुंगेली, 28 मई 2026। जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यों को गति देने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन में वर्ष 2026-27 के लिए जिले के तीनों विकासखंडों — लोरमी, मुंगेली और पथरिया में कुल 18 नए “नवा तरिया” (तालाब) निर्माण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाना, भू-जल स्तर में सुधार लाना तथा सिंचाई और आजीविका के नए अवसर विकसित करना है। प्रस्तावित 18 कार्यों में से 15 को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 10 स्थानों पर प्रारंभिक निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है।
जानकारी के मुताबिक जनपद पंचायत लोरमी में 02, मुंगेली में 04 और पथरिया में सर्वाधिक 12 नवा तरिया निर्माण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इन तालाबों के निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण होगा और किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रशासन का कहना है कि इन निर्माण कार्यों से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में जनभागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि भविष्य में जल संकट से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। मनरेगा अंतर्गत किए जा रहे नवा तरिया निर्माण और अन्य जल संवर्धन कार्य भविष्य में जल संकट से निपटने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि “मोर गांव मोर पानी” अभियान को जनसहभागिता के साथ सफल बनाया जा रहा है।
वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय ने बताया कि मनरेगा के माध्यम से स्थायी जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ-साथ सिंचाई, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ेंगे।

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