सरगुजा को तकनीकी शिक्षा की बड़ी सौगात, GEC अंबिकापुर में शुरू होंगे MBA, विशेष BTech और MTech कोर्स

सरगुजा को तकनीकी शिक्षा की बड़ी सौगात, GEC अंबिकापुर में शुरू होंगे MBA, विशेष BTech और MTech कोर्स

अंबिकापुर। विशेष रिपोर्ट
✍️सरगुजा संभाग के विद्यार्थियों और तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC) अंबिकापुर को कई नए व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों की मंजूरी प्रदान की है। अब कॉलेज में MBA के साथ-साथ कार्यरत पेशेवरों के लिए विशेष BTech और MTech पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
इस स्वीकृति को सरगुजा अंचल में तकनीकी शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब उच्च तकनीकी एवं प्रबंधन शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
♦️अब “शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज” के नाम से होगी पहचान
अब तक विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग महाविद्यालय के रूप में संचालित यह संस्थान आधिकारिक तौर पर “शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC), अंबिकापुर” के नाम से जाना जाएगा। कॉलेज प्रशासन ने इसे संस्थान की स्वतंत्र पहचान और तकनीकी शिक्षा को मजबूती देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है।
प्रबंधन का कहना है कि नए नाम और नए पाठ्यक्रमों के साथ संस्थान क्षेत्रीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
♦️MBA कोर्स को मिली मंजूरी, 30 सीटों पर होगा प्रवेश
AICTE ने महाविद्यालय में MBA पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की है। इस कोर्स में 30 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
इससे सरगुजा संभाग के विद्यार्थियों को अब रायपुर, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों में जाकर प्रबंधन शिक्षा लेने की आवश्यकता कम होगी। स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।
♦️नौकरीपेशा युवाओं के लिए विशेष BTech कोर्स
कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों और पेशेवरों के लिए AICTE ने विशेष BTech पाठ्यक्रमों को भी मंजूरी दी है। इन कोर्सों का उद्देश्य नौकरी के साथ उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराना है।
स्वीकृत विशेष BTech शाखाएं
सिविल इंजीनियरिंग – 30 सीट
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग – 30 सीट
माइनिंग इंजीनियरिंग – 30 सीट
इन पाठ्यक्रमों से उद्योगों, खदानों और तकनीकी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को अपनी तकनीकी योग्यता और कौशल बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
तीन विषयों में शुरू होंगे MTech पाठ्यक्रम
महाविद्यालय में विशेष MTech पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। AICTE ने तीन प्रमुख विषयों में 15-15 सीटों की स्वीकृति दी है।
♦️स्वीकृत MTech शाखाएं
माइनिंग इंजीनियरिंग – 15 सीट
पावर सिस्टम एंड कंट्रोल – 15 सीट
स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग – 15 सीट
इन कोर्सों से तकनीकी अनुसंधान, विशेषज्ञता और उद्योगों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।
♦️प्रदेश का पहला शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बना GEC अंबिकापुर
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार GEC अंबिकापुर छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय बन गया है, जहां एक साथ MBA के साथ-साथ कार्यरत पेशेवरों के लिए तीन-तीन विषयों में विशेष BTech और MTech कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं।
इसे पूरे सरगुजा संभाग के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
♦️जुलाई 2026 से शुरू होंगी कक्षाएं
महाविद्यालय प्रशासन के मुताबिक सभी नए पाठ्यक्रमों की कक्षाएं जुलाई 2026 से प्रारंभ होंगी। प्रवेश प्रक्रिया और दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।
छात्र संगठनों और शिक्षकों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगारपरक एवं तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।
♦️आदिवासी और ग्रामीण युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ
नई व्यवस्था से सरगुजा संभाग के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। अब उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए बड़े शहरों में जाने की मजबूरी कम होगी।
नौकरी करते हुए तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा से युवाओं की रोजगार क्षमता, तकनीकी दक्षता और कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी।
♦️प्राचार्य ने जताया आभार
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राम नारायण खरे ने इस उपलब्धि के लिए AICTE, राज्य शासन, छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, जनप्रतिनिधियों, छात्र संगठनों एवं महाविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अंबिकापुर को तकनीकी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

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