बिलासपुर के लिंगियाडीह में 129 दिनों से उबाल पर जन-आक्रोश, ‘मातृशक्ति’ सड़कों पर—आवास बचाने की जंग तेज

नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल, विपक्ष ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बिलासपुर। न्यायधानी के लिंगियाडीह क्षेत्र में गरीबों के आशियानों पर मंडरा रहा संकट अब बड़े जन-आंदोलन में बदल चुका है। अपने घरों को बचाने के लिए क्षेत्र की महिलाएं पिछले 129 दिनों से लगातार धरने पर बैठी हैं, कड़ी धूप, ठंड और खुले आसमान के नीचे संघर्ष जारी है।
‘सुशासन’ के दावों के बीच यह विरोध प्रदर्शन कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन द्वारा बस्तियों को हटाने की तैयारी की जा रही है, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर होने की कगार पर हैं।
निर्णायक मोड़ पर आंदोलन, विपक्ष की एंट्री
आंदोलन के 129वें दिन धरना स्थल पर माहौल उस वक्त गरमा गया जब कांग्रेस पार्षदों और विपक्षी नेताओं ने इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने का ऐलान किया।
नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में निगम अधिकारी तानाशाही रवैया अपना रहे हैं और गरीबों के आशियाने उजाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन की नीयत पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में प्रशासन बस्ती हटाने की साजिश रच रहा है।
आंदोलन में शामिल डॉ. रघु साहू, पार्षद दिलीप पाटिल और श्याम मूरत कौशिक ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा—
“एक तरफ सरकार पक्के मकान देने की बात करती है, दूसरी तरफ बसे-बसाए घर उजाड़ना समझ से परे है। अगर यह कार्रवाई नहीं रुकी, तो जनआक्रोश सरकार के लिए भारी पड़ेगा।”
‘मातृशक्ति’ का संघर्ष बना जनांदोलन
धरने में शामिल महिलाएं अब इस लड़ाई को अपने अस्तित्व की लड़ाई बता रही हैं।
129 दिनों तक लगातार प्रदर्शन करना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
महाधरना में सैकड़ों लोगों की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया है कि यह आंदोलन अब व्यापक जनसमर्थन हासिल कर चुका है।
ये रहे प्रमुख प्रदर्शनकारी
इस आंदोलन में यशोदा पाटिल, सुखमति, लता देवांगन, पुष्पा देवांगन, राजकुमारी, साधना यादव, कल्पना यादव, सिद्धार्थ भारती, आदर्श सेवते, लखन कश्यप, लक्ष्मी लाल केवंट सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल रहे।
स्थिति बनी तनावपूर्ण
प्रशासन की चुप्पी और सत्ता पक्ष की अनदेखी से क्षेत्र में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

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