नौकरी के नाम पर ₹70 हजार की ठगी, जातिगत गाली और मारपीट — KCC कंपनी के मैनेजर सहित तीन पर FIR

नौकरी के नाम पर ₹70 हजार की ठगी, जातिगत गाली और मारपीट — KCC कंपनी के मैनेजर सहित तीन पर FIR

SECL दीपका परियोजना से जुड़ा मामला, हरदीबाजार थाना में BNS और SC/ST एक्ट के तहत अपराध दर्ज


हरदीबाजार/कोरबा | न्यूज़
एसईसीएल दीपका परियोजना में कार्यरत निजी कंपनी के.सी.सी. (KCC) के अधिकारियों पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, मारपीट और जातिगत अपमान का गंभीर आरोप लगा है। मामले में हरदीबाजार पुलिस ने कंपनी के मैनेजर सहित तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ितों की शिकायत के अनुसार, हरदीबाजार निवासी मुकेश कुमार चैतन्य और दीपक सिंह कंवर को कंपनी में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। आरोप है कि कंपनी के चपरासी रामप्रताप पटेल ने नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे ₹70,000 की राशि वसूल ली।
बताया गया कि 25 फरवरी 2026 को जब दोनों पीड़ित अपना पैसा वापस मांगने कंपनी कार्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद मैनेजर विकास दुबे, रामप्रताप पटेल और रवि सिंह ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इस दौरान पीड़ितों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जातिगत गालियां दी गईं और उनके साथ मारपीट कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
हरदीबाजार पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ निम्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है—
धारा 318(2) BNS – धोखाधड़ी कर पैसा लेना
धारा 115(2) और 296 BNS – मारपीट व गाली-गलौज
धारा 3(5) BNS – सामूहिक रूप से अपराध करना
SC/ST एक्ट धारा 3(1)(ध) – सार्वजनिक रूप से जातिगत अपमान
मैनेजर पर पहले भी कई शिकायतें
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी के मैनेजर विकास दुबे के खिलाफ पहले से भी कई शिकायतें पुलिस अधीक्षक कार्यालय और स्थानीय थानों में दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि भू-विस्थापितों और ग्रामीणों से जुड़े मामलों को लेकर उनके खिलाफ करीब 26 शिकायतें लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ितों की मांग
पीड़ितों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पुराने मामलों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वे अनुसूचित वर्ग और आदिवासी समुदाय से आते हैं और उनकी जमीनें पहले ही एसईसीएल परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा चुकी हैं, इसके बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

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